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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो देशों से रूस पर संयुक्त प्रतिबंध लगाने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि वे रूस पर सख्त प्रतिबंध लगाने के लिए तैयार हैं, बशर्ते सभी नाटो सदस्य देश एकजुट होकर रूस से तेल खरीदना बंद करें और समान प्रतिबंध लागू करें।
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में कहा, “मैं रूस पर बड़े प्रतिबंध लगाने के लिए तैयार हूं, जब तक सभी नाटो देश सहमत होकर रूस से तेल खरीदना बंद नहीं करते और समान प्रतिबंध लागू नहीं करते।” उन्होंने नाटो देशों की एकजुटता पर सवाल उठाते हुए कहा कि कुछ सदस्य देश, जैसे तुर्की, हंगरी और स्लोवाकिया, अभी भी रूस से तेल खरीद रहे हैं, जो गठबंधन की एकजुटता को कमजोर करता है।
ट्रंप ने यह भी सुझाव दिया कि नाटो देशों को चीन पर 50% से 100% तक टैरिफ लगाना चाहिए, ताकि रूस को आर्थिक समर्थन देने वाली चीन की पकड़ को तोड़ा जा सके। उन्होंने कहा, “चीन की रूस पर मजबूत पकड़ है, और ये शक्तिशाली टैरिफ उस पकड़ को तोड़ देंगे।”
ट्रंप ने भारत पर भी 25% टैरिफ लगाया है, क्योंकि भारत रूस से तेल खरीद रहा है। हालांकि, उन्होंने चीन के खिलाफ अभी तक कोई समान कार्रवाई नहीं की है।
नाटो देशों की प्रतिक्रिया मिश्रित रही है। पोलैंड ने रूस के ड्रोन हमलों को लेकर ट्रंप के बयान का विरोध किया है, जबकि अन्य देशों ने ट्रंप की अपील पर विचार करने का संकेत दिया है।
राष्ट्रपति ट्रंप की यह अपील नाटो देशों के बीच एकजुटता की आवश्यकता को रेखांकित करती है। यदि नाटो देशों ने रूस पर संयुक्त प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया, तो यह यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।








