प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 सितंबर 2025 को बिहार के पूर्णिया में आयोजित एक रैली में कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि ये दल घुसपैठियों का समर्थन कर रहे हैं, जो बिहार की पहचान और सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा, “कांग्रेस और RJD घुसपैठियों का समर्थन कर रहे हैं। ये लोग वोट बैंक की राजनीति के लिए बिहार की पहचान और सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहे हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि इन दलों की नीतियाँ बिहार के विकास और समृद्धि के मार्ग में रुकावट डाल रही हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार की माताओं और बहनों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा, “बिहार की माताएँ और बहनें हमेशा से समाज की नींव रही हैं। उन्होंने अपने संघर्ष और समर्पण से राज्य की पहचान को मजबूती दी है।” उन्होंने यह भी कहा कि इन महिलाओं की शक्ति और समर्थन से ही बिहार में सकारात्मक परिवर्तन संभव है।
प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्षी दलों के नेताओं पर व्यक्तिगत हमले भी किए। उन्होंने कांग्रेस पार्टी द्वारा सोशल मीडिया पर बिहार को लेकर की गई टिप्पणियों की आलोचना करते हुए कहा, “कांग्रेस पार्टी ने बिहार को लेकर अपमानजनक टिप्पणियाँ की हैं। यह राज्य और उसके लोगों का अपमान है।” उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी दलों की यह मानसिकता बिहार के विकास के लिए हानिकारक है।
रैली के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार में लगभग ₹36,000 करोड़ की विकास परियोजनाओं की शुरुआत की। इनमें राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की स्थापना, नए हवाई अड्डे का टर्मिनल, और अन्य बुनियादी ढाँचा परियोजनाएँ शामिल हैं। उन्होंने कहा, “इन परियोजनाओं से बिहार के विकास को नई दिशा मिलेगी और यहाँ के लोगों को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।”
प्रधानमंत्री मोदी की यह रैली आगामी बिहार विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उनके आरोपों और विकास परियोजनाओं की शुरुआत से यह स्पष्ट है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) बिहार में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। वहीं, कांग्रेस और RJD के लिए यह चुनौतीपूर्ण समय है, क्योंकि उन्हें अपने रुख और नीतियों पर पुनर्विचार करना होगा।







