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  • नई आधार ऐप में आसान हुआ आईडी शेयरिंग और मोबाइल नंबर अपडेट करने का विकल्प

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    भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने अपने नए आधार मोबाइल ऐप को और अधिक यूज़र-फ्रेंडली और सुरक्षित बना दिया है। इस अपडेट के बाद अब नागरिकों के लिए दो महत्वपूर्ण सेवाएँ बेहद आसान हो गई हैं –

    1. आधार आईडी शेयरिंग (Aadhaar ID Sharing)

    2. मोबाइल नंबर अपडेट (Mobile Number Update)

    नई ऐप की लॉन्चिंग के बाद पुणे सहित पूरे देश के नागरिकों को डिजिटल पहचान से जुड़े कार्यों में बड़ी राहत मिलेगी।

    डिजिटल आईडी शेयरिंग का आसान विकल्प

    पहले आधार की फिजिकल कॉपी या फोटोकॉपी को साझा करने पर डेटा के दुरुपयोग का खतरा बना रहता था। अब UIDAI की नई ऐप में “शेयर आईडी” फीचर जोड़ा गया है।

    • इसके ज़रिए लोग केवल ज़रूरी डिटेल्स (जैसे नाम और जन्मतिथि) ही साझा कर सकते हैं।

    • आधार नंबर की पूरी जानकारी या संवेदनशील डिटेल्स साझा करने की बाध्यता नहीं रहेगी।

    • यूज़र चाहें तो वर्चुअल आईडी (VID) का इस्तेमाल करके भी पहचान सत्यापन कर पाएंगे।

    यह कदम नागरिकों के डेटा प्राइवेसी और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

    मोबाइल नंबर अपडेट करना अब बेहद आसान

    आधार से मोबाइल नंबर लिंक होना बेहद ज़रूरी है, क्योंकि OTP आधारित सत्यापन आज लगभग हर सेवा के लिए अनिवार्य हो चुका है।

    नई आधार ऐप के जरिए अब मोबाइल नंबर को अपडेट करने की सुविधा दी गई है:

    • यूज़र को पास के आधार सेवा केंद्र (Aadhaar Seva Kendra) या अधिकृत केंद्र पर जाकर केवल QR स्कैन करना होगा।

    • पहले लंबी कतारों और जटिल प्रक्रियाओं का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब यह प्रक्रिया तेज़ और आसान हो गई है।

    • अपडेट रिक्वेस्ट का ट्रैकिंग भी सीधे ऐप में उपलब्ध होगा।

    पुणे और अन्य शहरों में खास फायदा

    पुणे जैसे महानगरों में जहां बड़ी संख्या में लोग IT कंपनियों और स्टार्टअप्स से जुड़े हैं, वहां डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल ज़्यादा होता है।

    • कॉरपोरेट सेक्टर: अब कर्मचारी HR विभाग को सिर्फ वर्चुअल आईडी से ही पहचान साझा कर पाएंगे।

    • शिक्षा क्षेत्र: कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में स्टूडेंट्स को एडमिशन प्रक्रिया के दौरान फिजिकल आधार कार्ड की कॉपी देने की आवश्यकता नहीं होगी।

    • बैंकिंग व फाइनेंस: लोन, अकाउंट ओपनिंग या बीमा से जुड़ी प्रक्रियाएं अब मोबाइल पर ही पूरी की जा सकेंगी।

    डेटा सुरक्षा और प्राइवेसी पर जोर

    UIDAI का कहना है कि नई आधार ऐप में एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन का इस्तेमाल किया गया है।

    • किसी भी व्यक्ति की जानकारी उसके अनुमति (consent) के बिना साझा नहीं की जा सकती।

    • हर बार आईडी शेयरिंग से पहले OTP आधारित प्रमाणीकरण होगा।

    • ऐप के सभी नए फीचर्स डिजिटल इंडिया मिशन के अंतर्गत बनाए गए हैं।

    इससे नागरिकों को यह भरोसा मिलेगा कि उनकी जानकारी सुरक्षित है।

    आम जनता की प्रतिक्रियाएँ

    पुणे में रहने वाले कई नागरिकों ने इस अपडेट का स्वागत किया।

    • सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रतीक कुलकर्णी ने कहा – “अब मुझे अपने आधार की फोटोकॉपी हर जगह जमा करने की जरूरत नहीं, ऐप से ही सुरक्षित तरीके से आईडी शेयर कर सकता हूँ।”

    • गृहिणी सीमा पाटिल ने बताया – “पहले मोबाइल नंबर बदलवाने में हफ्तों लग जाते थे, अब ऐप के जरिए प्रक्रिया आसान हो गई है।”

    तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत में डिजिटल पहचान को और अधिक सुरक्षित और सर्वसुलभ बनाने में मील का पत्थर साबित होगा। यह न केवल कागज़ी कामकाज को कम करेगा, बल्कि लोगों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने कहा कि UIDAI को लगातार एप्लीकेशन सिक्योरिटी को अपडेट करते रहना होगा ताकि डेटा लीक की आशंकाएँ न रहें।

    नई आधार ऐप के साथ UIDAI का लक्ष्य है कि आने वाले समय में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस और, बैंकिंग सेवाओं को भी सीधे आधार ऐप से जोड़ा जाए।

    इससे नागरिकों को एक ही प्लेटफॉर्म पर सभी डिजिटल पहचान सेवाएँ उपलब्ध हो सकेंगी।

    UIDAI की नई आधार ऐप का अपडेट डिजिटल इंडिया के विज़न की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है। आईडी शेयरिंग और मोबाइल नंबर अपडेट की सुविधाएँ न केवल नागरिकों को राहत देंगी बल्कि पहचान से जुड़ी सेवाओं में पारदर्शिता और सुरक्षा भी सुनिश्चित करेंगी। पुणे जैसे टेक-हब शहरों से शुरुआत करते हुए यह पहल जल्द ही देशभर में लागू होगी और करोड़ों लोगों को इसका लाभ मिलेगा।

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