अमेरिका के फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) की अहम मीटिंग से पहले अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजारों में सोने-चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली है। निवेशक ब्याज दरों (Rate Cut) के फैसले को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं, जिसके चलते मुनाफावसूली और उतार-चढ़ाव दोनों ही बढ़ गए हैं।
घरेलू बाजार में हालात
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एमसीएक्स (MCX) पर बुधवार सुबह ट्रेडिंग सेशन में सोना ₹500 से ज्यादा टूटकर करीब ₹70,200 प्रति 10 ग्राम पर आ गया।
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वहीं, चांदी में गिरावट और ज्यादा देखने को मिली। चांदी ₹1,700 से ज्यादा टूटकर लगभग ₹90,100 प्रति किलो पर कारोबार कर रही है।
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निवेशकों का मानना है कि फेड रिजर्व की नीति में बदलाव की आशंका से सुरक्षित निवेश (Safe Haven Asset) की डिमांड कम हुई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का रुख
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अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गोल्ड स्पॉट प्राइस लगभग 0.5% गिरकर 2,310 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।
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वहीं, सिल्वर प्राइस लगभग 1.2% फिसलकर 28 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।
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डॉलर इंडेक्स में मजबूती और बॉन्ड यील्ड बढ़ने से कीमती धातुओं पर दबाव देखने को मिला है।
क्यों गिरे सोना और चांदी?
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फेड रिजर्व की मीटिंग: बाजार को उम्मीद है कि फेडरल रिजर्व इस बार ब्याज दर में कटौती पर फैसला ले सकता है। अगर ब्याज दरें घटती हैं तो डॉलर कमजोर हो सकता है, जिससे सोना महंगा होता है। लेकिन अभी अनिश्चितता की वजह से निवेशक सतर्क हैं।
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डॉलर इंडेक्स में तेजी: डॉलर इंडेक्स मजबूत होने से अन्य करेंसी धारकों के लिए सोना महंगा हो जाता है, जिससे डिमांड घटती है।
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बॉन्ड यील्ड का दबाव: अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड बढ़ने से निवेशक सोने-चांदी से पैसा निकालकर वहां शिफ्ट हो रहे हैं।
निवेशकों पर असर
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शॉर्ट टर्म: निकट भविष्य में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।
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लॉन्ग टर्म: विशेषज्ञों का कहना है कि अगर फेड रिजर्व रेट कट करता है, तो सोने की कीमत फिर से ऊपर जा सकती है।
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खरीदारी का मौका: मौजूदा गिरावट उन निवेशकों के लिए अच्छा मौका हो सकता है जो लंबे समय के लिए गोल्ड में निवेश करना चाहते हैं।
विशेषज्ञों की राय
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एंजेल वन के एनालिस्ट का कहना है:
“गोल्ड अभी भी लॉन्ग टर्म में मजबूत है। फेड रिजर्व के फैसले के बाद इसमें रिकवरी देखने को मिल सकती है।” -
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के कमोडिटी प्रमुख ने कहा:
“चांदी में गिरावट ज्यादा आई है, लेकिन उद्योगों से डिमांड बनी हुई है। आने वाले महीनों में कीमतों में तेजी देखी जा सकती है।”
पिछले एक महीने का ट्रेंड
अगस्त 2025 में सोना लगातार ₹71,000–₹72,000 के दायरे में कारोबार करता रहा। सितंबर की शुरुआत में वैश्विक अनिश्चितता और डॉलर की मजबूती के कारण इसमें कमजोरी आई। चांदी ने पिछले महीने ₹92,000 प्रति किलो का स्तर छुआ था, लेकिन अब गिरकर ₹90,000 के नीचे आ गई है।
अगर फेड रिजर्व इस बार रेट कट की घोषणा करता है, तो सोना और चांदी दोनों तेजी पकड़ सकते हैं। लेकिन अगर ब्याज दरों को यथावत रखा गया, तो डॉलर और बॉन्ड यील्ड मजबूत बने रहेंगे, जिससे सोने-चांदी पर और दबाव आ सकता है।
फेड रिजर्व की मीटिंग से पहले सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट ने निवेशकों को असमंजस में डाल दिया है।
सोना ₹500 टूटा, चांदी ₹1,700 गिरी। डॉलर की मजबूती और बॉन्ड यील्ड का दबाव बना हुआ है। अब सबकी निगाहें फेड रिजर्व के फैसले पर टिकी हैं।







