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  • भाजपा अब नीतीश को बोझ मानती है: कांग्रेस कार्यसमिति बैठक में खरगे का एनडीए पर तंज

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    बिहार में पहली बार कांग्रेस की विस्तारित कार्यसमिति (CWC) बैठक आयोजित की गई, जिसमें राज्य के कांग्रेसी मुख्यमंत्री, डिप्टी सीएम और प्रदेश अध्यक्ष शामिल हुए। इस बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी खरगे ने एनडीए पर जमकर तंज कसा, और कहा कि भाजपा अब नीतीश कुमार को बोझ मानती है।

    सूत्रों के अनुसार, बैठक का मुख्य उद्देश्य बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए रणनीति तैयार करना और गठबंधन व उम्मीदवार चयन पर चर्चा करना था। इस बैठक में पार्टी की केंद्रीय और राज्य स्तर की रणनीति को अंतिम रूप दिया गया।

    कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी:

    बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अकेले पटना पहुंचे, जबकि उनकी मां सोनिया गांधी और बहन प्रियंका गांधी इस बैठक में शामिल नहीं हुईं। राज्य के वरिष्ठ नेता और पार्टी के विभिन्न पदाधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।

    गुलाम नबी खरगे ने बैठक में कहा कि बिहार में एनडीए के अंदर सबकुछ ठीक नहीं है। उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा, “भाजपा अब नीतीश कुमार को बोझ मानती है। यह साफ संकेत है कि उनके गठबंधन में कई असंतोष हैं।”

    बैठक के मुख्य बिंदु:

    1. गठबंधन और सीट बंटवारा:
      बैठक में यह तय किया गया कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में कांग्रेस किस गठबंधन के साथ चुनाव लड़ेगी। पिछली चुनावी रणनीति और एनडीए व महागठबंधन के अनुभवों का विश्लेषण किया गया।

    2. उम्मीदवार चयन:
      पार्टी ने उम्मीदवार चयन प्रक्रिया पर जोर दिया। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि स्थानीय स्तर पर लोकप्रिय और प्रभावशाली नेताओं को प्राथमिकता दी जाएगी।

    3. चुनावी प्रचार रणनीति:
      डिजिटल और ऑफलाइन दोनों माध्यमों के जरिए जनता तक कांग्रेस का संदेश पहुँचाने की रणनीति बनाई गई। विशेष रूप से विकास योजनाओं और सामाजिक कल्याण पहलों को जनता तक प्रभावी तरीके से पहुँचाने की योजना बनाई गई।

    4. राजनीतिक संदेश और तंज:
      गुलाम नबी खरगे के बयान से यह साफ हुआ कि कांग्रेस बिहार में एनडीए के अंदर मतभेद और असंतोष को लेकर चुनावी माहौल तैयार करना चाहती है। उन्होंने कहा कि भाजपा और नीतीश कुमार के बीच गठबंधन कमजोर हो चुका है।

    विशेषज्ञों की राय:

    राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि कांग्रेस की इस बैठक और खरगे के बयान से बिहार चुनाव की राजनीतिक हलचल और रणनीति स्पष्ट हो रही है। एनडीए के अंदर असंतोष और महागठबंधन में कांग्रेस की सक्रियता चुनावी नतीजों को प्रभावित कर सकती है।

    निष्कर्ष:

    कांग्रेस की विस्तारित CWC बैठक और गुलाम नबी खरगे के एनडीए पर तंज ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है। राहुल गांधी की व्यक्तिगत मौजूदगी ने पार्टी की गंभीरता को दर्शाया। अब देखना यह है कि कांग्रेस गठबंधन, उम्मीदवार चयन और प्रचार रणनीति में क्या बदलाव करती है और इसका असर चुनाव पर कैसे पड़ता है।

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