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  • ATF की कीमत में 3% से अधिक वृद्धि, कमर्शियल एलपीजी के दाम बढ़े ₹15.50; 6 महीने बाद बदलाव

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    देश में तेल और गैस उत्पादों की कीमतों में आज एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। ऑयल कंपनियों ने वैश्विक तेल की बढ़ती कीमतों के कारण एयरक्राफ्ट टरबाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में 3 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि की घोषणा की है। इसके साथ ही कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम भी ₹15.50 प्रति सिलेंडर बढ़ाए गए हैं।

    यह बढ़ोतरी ऐसे समय आई है जब पिछले छह महीनों में लगातार कीमतों में कमी होती रही है। अप्रैल से अब तक छह बार कीमतों में कटौती की गई थी, जिससे कुल मिलाकर एलपीजी की कीमत में ₹223 प्रति सिलेंडर की कमी आई थी। आखिरी कटौती 1 सितंबर को ₹51.50 की गई थी।

    एटीएफ, जो मुख्य रूप से विमानन उद्योग में उपयोग होता है, उसकी कीमतों में यह बढ़ोतरी वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की मांग-आपूर्ति के आधार पर की गई है। एयरलाइंस के लिए यह एक बड़ा झटका हो सकता है क्योंकि ईंधन लागत बढ़ने से हवाई किराए में भी बढ़ोतरी संभव है।

    विमानन क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में यात्रियों को महंगे टिकटों का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, यह वृद्धि लॉजिस्टिक्स और परिवहन क्षेत्र पर भी असर डालेगी।

    कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर, जो उद्योगों और छोटे व्यवसायों में उपयोग होता है, की कीमत में यह वृद्धि उत्पादन लागत को बढ़ाएगी। खासकर उन व्यवसायों के लिए यह चुनौतीपूर्ण होगा जो गैस पर निर्भर हैं।

    यह मूल्य वृद्धि तेल कंपनियों द्वारा अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार की कीमतों में हुई तेजी को ध्यान में रखते हुए की गई है।

    अप्रैल 2025 से लेकर सितंबर 2025 तक तेल कंपनियों ने कुल 6 बार कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में कटौती की थी, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिली थी। इस अवधि में लगभग ₹223 प्रति सिलेंडर की कटौती हुई थी। हालांकि, इस बढ़ोतरी के बाद अब उपभोक्ताओं को महंगे रेटों का सामना करना पड़ेगा।

    • एयरलाइन टिकटों की कीमत बढ़ने से हवाई यात्रा महंगी होगी।

    • छोटे और मध्यम उद्योगों की उत्पादन लागत बढ़ेगी।

    • परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को भी उच्च ईंधन लागत का सामना करना पड़ेगा।

    • उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है।

    अर्थशास्त्री कहते हैं कि तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव वैश्विक बाजार की स्थिति पर निर्भर करता है। यह वृद्धि घरेलू बाजार में तेल की मांग और आपूर्ति के संतुलन के हिसाब से जरूरी भी हो सकती है।

    सरकार और तेल कंपनियां लगातार प्रयास कर रही हैं कि कीमतों को स्थिर रखा जाए, लेकिन वैश्विक तेल के दामों में तेजी के चलते यह चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

    1 अक्टूबर 2025 से एटीएफ की कीमतों में 3% से अधिक और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दामों में ₹15.50 प्रति सिलेंडर की वृद्धि हुई है। पिछले छह महीनों में पहली बार यह बड़ी कीमत बढ़ोतरी हुई है। इससे हवाई यात्रा, उद्योगों और उपभोक्ताओं की लागत बढ़ेगी। सरकार और उद्योग को इस बदलाव के प्रभावों से निपटने के लिए तैयार रहना होगा।

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