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  • बिहार में RJD पर ओवैसी का पलटवार, बोले- हम मुद्दों पर लड़ रहे, वोट काटने वाली पार्टी नहीं

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    बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के मतदान के दो दिन बाद ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने राज्य की सियासी हलचल पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और विपक्षी गठबंधन के आरोपों का पलटवार करते हुए कहा कि उनकी पार्टी चुनाव सिर्फ मुद्दों और जनता के अधिकारों के लिए लड़ रही है, न कि किसी अन्य पार्टी की मदद या वोट काटने के लिए।

    ओवैसी ने स्पष्ट किया कि AIMIM किसी भी हालत में ‘वोटकटुआ पार्टी’ नहीं है। किशनगंज से एक स्थानीय चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी बिहार के मतदाताओं के बीच पैठ बनाने और उनके वास्तविक मुद्दों को उजागर करने में जुटी हुई है। उन्होंने विरोधियों को सुझाव दिया कि दूसरों पर आरोप लगाने से पहले उन्हें अपने अभियान और रणनीति पर आत्मचिंतन करना चाहिए।

    जब उनसे पूछा गया कि क्या RJD के नेतृत्व वाला महागठबंधन इस बार एनडीए को सत्ता से बेदखल कर पाएगा, तो ओवैसी ने कहा कि यह “एक बड़ी चुनौती” होगी। उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि AIMIM चुनाव में जनता के अधिकार, समाज के कमजोर वर्गों की आवाज और स्थानीय मुद्दों को लेकर सक्रिय है।

    ओवैसी ने RJD पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार में 2024 के बाद RJD ने खुद के दम पर कोई सरकार नहीं बनाई है। उन्होंने विपक्षी दलों को चेताया कि उन्हें केवल आरोप लगाने की बजाय अपने काम और नीतियों पर ध्यान देना चाहिए। उनके इस बयान से स्पष्ट हो गया कि AIMIM इस चुनाव में अपने राजनीतिक एजेंडे और मुद्दों को लेकर सशक्त रूप से मैदान में है।

    AIMIM के उम्मीदवार पहले चरण में मिथिला क्षेत्र की कई सीटों पर उतरे और दावा किया कि मुस्लिम मतदाताओं में उनकी पार्टी ने अच्छी पकड़ बनाई है। ओवैसी ने कहा कि पार्टी का उद्देश्य किसी भी अन्य दल के वोट को प्रभावित करना नहीं है, बल्कि समाज के वास्तविक मुद्दों को सामने लाना और जनता को जागरूक करना है।

    राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, ओवैसी का यह बयान AIMIM की बिहार में मजबूत स्थिति और उनकी स्पष्ट नीति को दर्शाता है। पार्टी लगातार अपने एजेंडे पर काम कर रही है और जनता के अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान दे रही है। ओवैसी ने यह भी कहा कि चुनावों में उनकी पार्टी का लक्ष्य सिर्फ मुस्लिम वोटों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के सभी वर्गों में अपने विचार और दृष्टिकोण को लेकर जाना है।

    बिहार की सियासत में AIMIM की बढ़ती भूमिका इस बात का संकेत है कि राज्य में अब नए खिलाड़ी भी राजनीति में अहम भूमिका निभा रहे हैं। ओवैसी का यह पलटवार विपक्ष और RJD के लिए चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि उन्होंने साफ कर दिया कि उनकी पार्टी किसी भी स्थिति में किसी की ‘बी-टीम’ नहीं बनने वाली। AIMIM खुद के एजेंडे और जनता के मुद्दों के साथ चुनाव मैदान में पूरी तरह सक्रिय है।

    विशेषज्ञ मानते हैं कि ओवैसी का यह बयान महागठबंधन और एनडीए के बीच के तनाव को और बढ़ा सकता है। AIMIM के चुनावी अभियान और उनके उम्मीदवारों की सक्रियता आगामी चरणों में बिहार की राजनीतिक तस्वीर को और बदल सकती है। फैंस और मतदाता अब इस पर नजर बनाए हुए हैं कि AIMIM और ओवैसी के मुद्दों पर आधारित चुनावी रणनीति का परिणाम बिहार के राजनीतिक समीकरणों पर क्या प्रभाव डालता है।

    बिहार चुनाव 2025 में AIMIM की भागीदारी और ओवैसी के इस बयान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी सिर्फ वोट काटने या किसी अन्य दल की मदद करने के लिए नहीं, बल्कि सच्चे मुद्दों और जनता के अधिकारों के लिए सक्रिय है।

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