दिल्ली के ऐतिहासिक अरुण जेटली स्टेडियम में इन दिनों रणजी ट्रॉफी का मुकाबला जारी है, जहां दिल्ली और जम्मू-कश्मीर की टीमों के बीच ग्रुप-डी मैच खेला जा रहा है। मैच का चौथा और अंतिम दिन आज यानी 11 नवंबर को खेला जा रहा है। इस दौरान स्टेडियम और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व रूप से कड़ा कर दिया गया है। यह कदम उस धमाके के बाद उठाया गया है जो कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर लाल किला क्षेत्र में हुआ था।
राजधानी दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में धमाके की खबर सामने आने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। प्रशासन ने तुरंत अरुण जेटली स्टेडियम के अंदर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के आदेश जारी किए हैं। रविवार रात हुए धमाके के बाद से ही दिल्ली पुलिस, विशेष शाखा और खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं और किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है।
दिल्ली और जिला क्रिकेट संघ (DDCA) ने भी खिलाड़ियों और दर्शकों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सावधानियां बरतने का निर्णय लिया है। DDCA के सचिव अशोक शर्मा ने पीटीआई से बातचीत में बताया कि स्टेडियम में जारी रणजी ट्रॉफी मैच के दौरान सुरक्षा में कोई ढील नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा, “मैंने दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया है और उनसे स्टेडियम के बाहर और आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने का अनुरोध किया है।”
अशोक शर्मा ने बताया कि स्टेडियम के अंदर प्रवेश से पहले सभी दर्शकों और कर्मचारियों की सख्त जांच की जाएगी। वहीं, खिलाड़ियों के लिए अलग से सुरक्षा कॉरिडोर बनाया गया है ताकि वे बिना किसी परेशानी के मैदान तक पहुंच सकें। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और DDCA इस दिशा में पुलिस प्रशासन के साथ पूरी तरह सहयोग कर रहा है।
सूत्रों के अनुसार, लाल किला के पास हुए धमाके के बाद दिल्ली पुलिस ने शहर के सभी प्रमुख खेल और सांस्कृतिक स्थलों पर अलर्ट लेवल बढ़ा दिया है। अरुण जेटली स्टेडियम के चारों ओर पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। साथ ही सीसीटीवी कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग भी तेज कर दी गई है। खुफिया एजेंसियां किसी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रख रही हैं।
गौरतलब है कि अरुण जेटली स्टेडियम (जिसे पहले फिरोज शाह कोटला मैदान के नाम से जाना जाता था) न केवल दिल्ली की पहचान है बल्कि देश के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित क्रिकेट मैदानों में से एक है। यहां घरेलू टूर्नामेंट्स से लेकर अंतरराष्ट्रीय मुकाबले तक आयोजित होते रहे हैं। इस कारण से सुरक्षा के लिहाज से इसे हाई-प्रोफाइल वेन्यू माना जाता है।
इस बीच, मैच देखने पहुंचे दर्शकों को भी सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ रहा है। कई जगहों पर बैग, बोतलें और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को लेकर कड़ी पाबंदी लगाई गई है। मैदान के आसपास पार्किंग जोन में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि कोई भी संदिग्ध वाहन बिना जांच के न रह जाए।
दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, धमाके की जांच स्पेशल सेल और एनएसजी (राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड) की टीमों के हवाले है। हालांकि अब तक इस घटना में किसी बड़े नेटवर्क की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एहतियात के तौर पर सभी संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है।
खेल प्रेमियों के लिए राहत की बात यह है कि बढ़ी हुई सुरक्षा के बावजूद रणजी ट्रॉफी का मुकाबला सुचारू रूप से जारी है। खिलाड़ी मैदान पर पूरी एकाग्रता के साथ खेल में जुटे हुए हैं, जबकि दर्शकों को भी स्टेडियम में किसी असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।
अधिकारियों का कहना है कि मैच समाप्त होने तक सुरक्षा व्यवस्था इसी तरह सख्त रहेगी और स्थिति सामान्य होने के बाद ही ढील दी जाएगी। फिलहाल पुलिस और DDCA दोनों मिलकर यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि खेल का माहौल सुरक्षित और शांतिपूर्ण बना रहे।








