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  • फाजिल्का में डेंगू नियंत्रण को लेकर प्रशासन सख्त, अतिरिक्त उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग को तेज करने के दिए निर्देश

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    फाजिल्का जिले में डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। शनिवार को जिला प्रशासनिक परिसर में आयोजित डेंगू रोकथाम जिला टास्क फोर्स की बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) डॉ. मनदीप कौर ने स्वास्थ्य विभाग को अपनी गतिविधियों में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए। बैठक में जिले के प्रमुख अधिकारी शामिल रहे, जिनमें एसडीएम जलालाबाद कंवरजीत सिंह मान, एसडीएम अबोहर कृष्ण पाल राजपूत, सिविल सर्जन डॉ. रोहित गोयल, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. रिंकू चावला और जिला महामारी विशेषज्ञ डॉ. सुनीता कंबोज भी उपस्थित थे।

    अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग और नगर परिषद के बीच तालमेल बेहद आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिया कि शहरी और ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों में नियमित फॉगिंग की जाए और उन इलाकों पर विशेष ध्यान दिया जाए जहाँ डेंगू के मामले अधिक दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को यह भी आदेश दिया कि जनता को हर स्तर पर जागरूक किया जाए ताकि लोग स्वयं भी सफाई अभियान का हिस्सा बनें।

    उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि रिहायशी इलाकों, खुली जगहों और निर्माणाधीन साइटों पर पानी जमा न होने दिया जाए। जहाँ भी डेंगू मच्छर के लार्वा पाए जाएँ, वहाँ तुरंत चालान काटे जाएँ ताकि लोगों में जिम्मेदारी की भावना बढ़े और वे सफाई को लेकर अधिक सजग रहें।

    डॉ. मनदीप कौर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सरपंचों और पंचायतों की मदद से तथा शहरों में नगर परिषद के सहयोग से फॉगिंग अभियान को तेज किया जाए। उन्होंने नगर परिषदों को आदेश दिया कि गलियों, नालियों और पानी निकासी वाली जगहों की नियमित सफाई कराई जाए, ताकि मच्छरों के पनपने की संभावना कम हो सके। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों में सफाई व्यवस्था का विशेष ध्यान रखें, फ्रिज की ट्रे साफ रखें और किसी भी खुले बर्तन में पानी जमा न होने दें।

    अतिरिक्त उपायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि डेंगू ही नहीं, बल्कि सभी वेक्टर जनित और जल जनित बीमारियों के बारे में लोगों को जागरूक किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि घरों, दुकानों और कबाड़ के स्थानों पर जमा पानी मच्छरों के लिए आदर्श वातावरण बनाता है। इसलिए सभी नागरिकों को सावधान रहते हुए सप्ताह में कम से कम एक बार अपने घर-द्वार के आसपास मौजूद पानी को हटाना चाहिए।

    सिविल सर्जन डॉ. रोहित गोयल और जिला महामारी विशेषज्ञ डॉ. सुनीता कंबोज ने बैठक में बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार निरीक्षण कर रही हैं। फ्रिज की ट्रे सहित उन सभी स्थानों की जांच की जा रही है जहाँ साफ पानी जमा होने की संभावना रहती है। उन्होंने कहा कि डेंगू का मच्छर दिन में काटता है और साफ पानी पर पनपता है, इसलिए सफाई ही इसका सबसे प्रभावी समाधान है।

    स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि डेंगू के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, आँखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों में खिंचाव, जोड़ों में दर्द, उल्टी, त्वचा पर चकत्ते और गंभीर स्थिति में नाक या मसूड़ों से खून आना शामिल है। यदि कोई भी व्यक्ति इनमें से कोई भी लक्षण महसूस करता है, तो उसे तुरंत सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर जांच करानी चाहिए, जहाँ सभी सुविधाएँ निःशुल्क उपलब्ध हैं।

    डेंगू के बढ़ते खतरे के बीच जिला प्रशासन द्वारा उठाए गए कदमों से उम्मीद है कि फाजिल्का में स्थिति जल्द ही नियंत्रण में आएगी। जन-सहयोग और प्रशासनिक कार्रवाई के संयुक्त प्रयास इस बीमारी को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

  • Gian Sahani

    रिपोर्टर समाचार बाणी न्युज ज्ञान साहनी, मुक्तसर साहिब, फाजिल्का जिला

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