भारत में ऑनलाइन धोखाधड़ी लगातार नए स्वरूप ले रही है और अब साइबर अपराधी इसका सबसे आसान शिकार बना रहे हैं—बड़े सेलिब्रिटीज का नाम और चेहरा। साइबर सिक्योरिटी कंपनी मैकेफी की सालाना रिपोर्ट ‘मोस्ट डेंजरस सेलिब्रिटी: डीपफेक डिसेप्शन लिस्ट’ ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में शाहरुख खान, आलिया भट्ट, एलन मस्क जैसे प्रभावशाली और लोकप्रिय सितारों के नाम का सबसे अधिक दुरुपयोग किया जा रहा है। धोखाधड़ी करने वाले न सिर्फ इन सितारों की फेक तस्वीरें और वीडियो बना रहे हैं बल्कि डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल कर उनके नाम पर निवेश, क्रिप्टो, ऑनलाइन कमाई और ब्रांडेड प्रोडक्ट्स के फर्जी विज्ञापन बनाकर भारतीयों को जाल में फंसा रहे हैं।
रिपोर्ट में बताया गया कि इंटरनेट पर रोजाना ऐसे सैकड़ों वीडियो, विज्ञापन और पोस्ट शेयर किए जा रहे हैं, जिनमें यह दावा किया जाता है कि शाहरुख खान या एलन मस्क ने किसी नई स्कीम में निवेश करके करोड़ों कमाए, या आलिया भट्ट और प्रियंका चोपड़ा ने किसी चमत्कारी प्रोडक्ट की सिफारिश की है। इन वीडियो में चेहरे और आवाज इतनी असली लगती है कि आम यूजर तुरंत धोखे में आ जाता है। डीपफेक तकनीक की तेजी से बढ़ती पहुंच ने असली और नकली में फर्क को लगभग खत्म कर दिया है। यही कारण है कि भारत में करोड़ों लोग इन फर्जी विज्ञापनों का शिकार बन रहे हैं।
मैकेफी की इस सूची में शाहरुख खान को सबसे अधिक दुरुपयोग किए जाने वाले सेलीब्रिटी के रूप में सामने लाया गया है। उनकी लोकप्रियता, राष्ट्रव्यापी पहचान और हर उम्र के दर्शकों के बीच उनका प्रभाव स्कैमर्स के लिए बड़ा हथियार साबित हो रहा है। इसके बाद आलिया भट्ट और फिर टेक दिग्गज एलन मस्क का नाम आता है, जिनकी छवि निवेश और टेक्नोलॉजी से जुड़ी होने के कारण स्कैमर्स उन्हें अपने फर्जी निवेश अभियान का चेहरा बनाते हैं। इसके अलावा प्रियंका चोपड़ा जोनस, फुटबॉल सुपरस्टार क्रिस्टियानो रोनाल्डो, और यूट्यूबर मिस्टरबीस्ट भी इस सूची में शामिल हैं। इन सभी के चेहरे और नाम सोशल मीडिया विज्ञापनों, यूट्यूब वीडियो और व्हाट्सऐप फॉरवर्ड्स में तेजी से फैलाए जा रहे हैं।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि फेक वीडियो में अक्सर इन सेलिब्रिटीज को ऐसे बयान देते दिखाया जाता है, जिनमें वे किसी ‘अतुल्य निवेश अवसर’, ‘फाइनेंशियल ब्रेकथ्रू’ या ‘क्रांतिकारी नए प्रोडक्ट’ की तारीफ कर रहे होते हैं। कई बार ये फेक वीडियो टीवी न्यूज़ चैनल के स्टूडियो की तरह दिखने वाले बैकग्राउंड में बनाए जाते हैं ताकि दर्शकों को और भी आसानी से गुमराह किया जा सके। यह ट्रेंड अब सिर्फ बॉलीवुड या हॉलीवुड सितारों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि फुटबॉल स्टार मेसी, टेलर स्विफ्ट, किम कार्दशियन और कोरियन पॉप ग्रुप BTS के सदस्यों के नाम पर भी फर्जी कंटेंट बनाकर भारतीय यूज़र्स को धोखा देने की कोशिश की जा रही है।
भारत इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या के लिहाज से दुनिया के सबसे बड़े देशों में शामिल है। ऐसे में साइबर अपराधियों के लिए यह एक विशाल बाजार है जहां लोगों को निशाना बनाना अधिक आसान है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक वर्ष में डीपफेक से जुड़े ऑनलाइन स्कैम में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है और भविष्य में इसके और आगे बढ़ने की आशंका है। मैकेफी ने लोगों से सावधान रहने की अपील करते हुए कहा है कि किसी भी निवेश, ऑफर, या स्कीम की जानकारी सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट्स, वेरिफाइड सोशल मीडिया अकाउंट्स या भरोसेमंद स्रोतों के माध्यम से ही प्राप्त करें। इसके अलावा किसी भी वीडियो या विज्ञापन को देखकर तुरंत विश्वास करने की जगह उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें।
रिपोर्ट ने एक बार फिर यह चेतावनी दी है कि डिजिटल दुनिया में सेलिब्रिटी फेक विज्ञापन और डीपफेक स्कैम अब एक गंभीर खतरा बन चुके हैं। यह न सिर्फ लोगों की मेहनत की कमाई को नुकसान पहुँचाता है, बल्कि सेलिब्रिटीज की छवि को भी प्रभावित करता है। ऐसे में यह बेहद ज़रूरी है कि लोग डिजिटल साक्षरता बढ़ाएं, सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन ऑफर पर भरोसा न करें।








