भारत में कई हाई-प्रोफाइल अपराध मामलों में वांछित और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के छोटे भाई अनमोल बिश्नोई को बुधवार को अमेरिका से डिपोर्ट किए जाने के बाद दिल्ली लाया गया। दिल्ली पहुंचते ही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम ने उसे हिरासत में लेकर पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया। उसके भारत लौटने को जांच एजेंसियों के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि वह लंबे समय से फरार था और विभिन्न देशों में रहकर अपने आपराधिक नेटवर्क को संचालित कर रहा था।
अनमोल बिश्नोई के खिलाफ देश में कम से कम 18 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन मामलों में सबसे गंभीर है—
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पूर्व महाराष्ट्र मंत्री और NCP नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या की साजिश,
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मशहूर पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या में भूमिका,
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बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर फायरिंग की घटना,
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और अन्य फिरौती, धमकी तथा गैंगस्टर गतिविधियों से जुड़े मामले।
इन मामलों की जांच कर रही कई एजेंसियाँ—जिनमें मुंबई पुलिस, दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और NIA शामिल हैं—काफी समय से अनमोल की तलाश में थीं।
समाचार एजेंसी ANI ने एक्स (X) पर अनमोल बिश्नोई की एक तस्वीर साझा की, जिसमें वह पीछे से दिखाई दे रहा है। तस्वीर में NIA के दो अधिकारी उसे पकड़कर ले जाते हुए नजर आते हैं। यह तस्वीर उसकी भारत वापसी और गिरफ्तारी की पहली आधिकारिक झलक थी।
अनमोल के दिल्ली पहुंचने से पहले ही उसका परिवार मीडिया के सामने आया। उसके चचेरे भाई रमेश बिश्नोई ने केंद्र सरकार से उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। रमेश ने कहा,
“हम कानून का सम्मान करते हैं और हमेशा करते आए हैं। लेकिन अगर उसे भारत लाया जा रहा है, तो सरकार को उसकी सुरक्षा भी सुनिश्चित करनी चाहिए। वह केवल लॉरेंस बिश्नोई का भाई होने की वजह से सजा झेल रहा है। असली तथ्य जांच के बाद सामने आएंगे।”
रमेश ने यह भी दावा किया कि परिवार कानून का पालन करता है और जांच का सामना करने के लिए तैयार है।
अनमोल पंजाब के फाजिल्का जिले का निवासी है। वर्ष 2021 में वह फर्जी पासपोर्ट पर भारत से भाग निकला। जांच एजेंसियों के अनुसार उसकी यात्रा कुछ इस प्रकार रही—
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पहले वह नेपाल गया,
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फिर वहां से दुबई और केन्या,
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और अंत में वह संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) पहुँच गया।
अमेरिका में वह खुले तौर पर रह रहा था और अप्रैल 2023 में कैलिफोर्निया के बेकरसफील्ड में आयोजित एक कार्यक्रम में अंतिम बार सार्वजनिक रूप से देखा गया था। इस दौरान वह सोशल मीडिया के ज़रिए भारत में गैंग मालिकाना गतिविधियाँ संचालित करता रहा।
कुछ महीने पहले अमेरिकी एजेंसियों ने उसे गिरफ्तार किया और फिर 18 नवंबर 2024 को उसे भारत डिपोर्ट कर दिया। इससे भारत की सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली क्योंकि अनमोल लंबे समय से इंटरपोल नोटिस के बावजूद बचता आ रहा था।
हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में बाबा सिद्दीकी के बेटे ज़ीशान सिद्दीकी ने बताया कि उनकी फैमिली ने अमेरिका में “विक्टिम रजिस्ट्री प्रोग्राम” में पंजीकरण कराया था। इसके बाद उन्हें मामले से संबंधित हर अपडेट अमेरिकी फेडरल एजेंसियों की तरफ से मिलता रहा।
ज़ीशान ने कहा,
“18 नवंबर को हमें सूचना मिली कि अमेरिकी सरकार ने अपराधी को अपने देश से हटा दिया है। हम चाहते हैं कि मुंबई पुलिस उसे हिरासत में लेकर पूछताछ करे और यह पता लगाए कि मेरे पिता की हत्या की साजिश क्यों रची गई। वह समाज के लिए खतरा है, इसलिए उसका भारत वापस आना जरूरी था।”
उन्होंने सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग की घटना में भी उसकी भूमिका की कड़ी जांच कराने की मांग की।
NIA ने कोर्ट से उसके रिमांड की मांग की है ताकि उससे विभिन्न मामलों में पूछताछ की जा सके। माना जा रहा है कि—
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गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क,
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हथियार सप्लाई चेन,
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विदेशी फंडिंग,
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और हालिया सेलिब्रिटी टारगेटिंग मामलों के बारे में अनमोल से महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
सूत्रों के अनुसार अनमोल की गिरफ्तारी से सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस और सलमान खान खतरा एंगल में भी नए खुलासे की संभावना है।
अनमोल बिश्नोई का भारत लौटना न केवल भारतीय जांच एजेंसियों के लिए एक बड़ा ऑपरेशन सफल होने जैसा है, बल्कि इससे कई अधूरे मामलों की जांच तेजी से आगे बढ़ने की उम्मीद है। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि NIA की पूछताछ में कौन से नए राज खुलते हैं और न्यायालय आगे उनके मामलों में क्या दिशा तय करता है।








