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बॉलीवुड और साउथ फिल्म इंडस्ट्री की चर्चित हस्ती उपासना कामिनेनी ने हाल ही में एग फ्रीजिंग को लेकर दिए अपने बयान को लेकर सुर्खियां बटोरी हैं। राम चरण की पत्नी और फिल्म इंडस्ट्री की जाने-मानी अभिनेत्री उपासना ने यह स्पष्ट किया कि महिलाओं को अपनी जिंदगी के फैसलों पर पूरा अधिकार होना चाहिए। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बन गया, खासकर उन आलोचकों के लिए जिन्होंने उनके विचारों पर सवाल उठाए थे।
उपासना ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर किया, जिसमें उन्होंने करियर और शादी, दोनों को महत्व देने की बात कही। उन्होंने कहा कि शादी और बच्चे दोनों महत्वपूर्ण हैं, लेकिन यह फैसला केवल महिला की अपनी प्राथमिकता और परिस्थिति पर आधारित होना चाहिए। उपासना के इस बयान ने सीधे तौर पर उन सामाजिक रूढ़ियों और मानसिकताओं को चुनौती दी, जो महिलाओं को केवल पारंपरिक जिम्मेदारियों तक सीमित रखती हैं।
अकसर यह देखा जाता है कि महिलाएं अपनी शिक्षा, करियर और व्यक्तिगत जीवन में निर्णय लेने के लिए बाहरी दबाव झेलती हैं। उपासना का बयान इस दिशा में एक मजबूत संदेश है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि महिलाओं को यह तय करने का अधिकार होना चाहिए कि कब शादी करनी है, कब बच्चे की योजना बनानी है और कब अपने पेशेवर जीवन पर ध्यान देना है। उनके इस संदेश ने कई महिलाओं और युवा पीढ़ी को सशक्त होने का आत्मविश्वास दिया है।
उपासना के अनुसार, एग फ्रीजिंग जैसी तकनीक महिलाओं को उनके करियर और व्यक्तिगत जीवन में संतुलन बनाने का अवसर देती है। यह विकल्प उन महिलाओं के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जो अपनी पेशेवर प्राथमिकताओं के कारण परिवार शुरू करने में देरी करना चाहती हैं। उपासना ने कहा कि तकनीकी और मेडिकल प्रगति के माध्यम से महिलाओं को अपने जीवन पर नियंत्रण बनाए रखने का अवसर मिला है, और इसे नकारात्मक रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
सोशल मीडिया पर उनके फॉलोअर्स और प्रशंसकों ने इस बयान का समर्थन किया। कई लोग उनके दृष्टिकोण को महिला सशक्तिकरण और स्वतंत्रता का प्रतीक मान रहे हैं। वहीं, कुछ आलोचक यह कहते हुए नजर आए कि यह केवल व्यक्तिगत पसंद की बात है। लेकिन उपासना ने अपने जवाब में साफ कर दिया कि व्यक्तिगत फैसलों का सम्मान हर महिला के लिए अनिवार्य है और किसी को इसमें हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है।
उनकी इस प्रतिक्रिया ने न केवल आलोचनाओं को चुप कर दिया बल्कि महिलाओं के अधिकारों और जीवन के निर्णयों पर गंभीर चर्चा को भी बढ़ावा दिया। यह संदेश महिलाओं के लिए प्रेरणास्पद साबित हो रहा है, जो अपने करियर और व्यक्तिगत जीवन के बीच संतुलन बनाने के लिए विकल्पों की तलाश में हैं।
उपासना का यह दृष्टिकोण यह बताता है कि बॉलीवुड और फिल्म इंडस्ट्री में भी ऐसे उदाहरण सामने आ रहे हैं, जहां महिलाएं अपनी जिंदगी और फैसलों में पूरी तरह स्वतंत्र हैं। उनका यह कदम युवा महिलाओं के लिए आदर्श भी बन सकता है, जो सामाजिक और पारंपरिक दबावों के बावजूद अपने जीवन को स्वयं तय करना चाहती हैं।
अंततः, उपासना कामिनेनी ने न केवल अपने व्यक्तिगत अनुभव और विचार साझा किए, बल्कि समाज में महिलाओं की स्वतंत्रता और निर्णय लेने की क्षमता को लेकर एक सशक्त संदेश भी दिया। उनका यह बयान यह सुनिश्चित करता है कि महिलाओं के लिए करियर, शादी और परिवार की जिम्मेदारी के बीच संतुलन बनाना अब किसी शर्म या डर की बात नहीं, बल्कि उनके अधिकारों का हिस्सा है।
इस पूरे घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया है कि बॉलीवुड की हस्तियां भी समाज में बदलाव और जागरूकता लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उपासना का यह करारा जवाब महिलाओं के अधिकारों और उनकी स्वतंत्रता के लिए एक मिसाल बन गया है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत होगा।








