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  • पीएम मोदी के वाराणसी से लेकर यूपी मेट्रो तक—अखिलेश यादव का बीजेपी पर बड़ा हमला, सपा सरकार की ‘उपलब्धियों’ का दावा

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    लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक बार फिर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी पर जोरदार हमला बोला। यूपी की राजनीति में हमेशा से बीजेपी की नीतियों पर सवाल उठाने वाले अखिलेश इस बार विकास परियोजनाओं, वाराणसी के मुद्दों और मेट्रो प्रोजेक्ट के श्रेय को लेकर पूरी तरह आक्रामक दिखाई दिए। उन्होंने साफ कहा कि बीजेपी सरकार ऐसे विकास कार्यों का क्रेडिट ले रही है, जिनकी बुनियाद समाजवादी पार्टी ने अपने कार्यकाल में रखी थी।

    अखिलेश यादव ने मेट्रो प्रोजेक्ट का जिक्र करते हुए कहा कि यूपी सरकार आज जिस लखनऊ, आगरा और कानपुर मेट्रो की उपलब्धियों का दावा कर रही है, वह पूरी तरह समाजवादी सरकार की देन है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार ने न सिर्फ मेट्रो का सपना दिखाया, बल्कि उसकी आधारशिला रखी, बजट स्वीकृत किया और निर्माण की शुरुआत भी कराई। उन्होंने यह भी दावा किया कि यूपी के शहरी परिवहन के बदलाव की कहानी सपा शासन से शुरू हुई थी, लेकिन बीजेपी सरकार सिर्फ उद्घाटन करने और श्रेय लेने की राजनीति कर रही है।

    वाराणसी का उल्लेख करते हुए अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र में किए गए खर्च और योजनाओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सपा सरकार ने वाराणसी के विकास के लिए 50 करोड़ रुपये दिए थे, लेकिन आज बीजेपी सरकार वहां के व्यापारियों और आम लोगों की परेशानियों को अनदेखा कर रही है। सीएम योगी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि दालमंडी के व्यापारियों पर सालों से सरकारी फैसलों का संकट है और बीजेपी सरकार उनका संरक्षण करने के बजाय उन्हें विभाजित करने की राजनीति कर रही है। अखिलेश के अनुसार, दालमंडी को वर्षों से आर्थिक और प्रशासनिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन सरकार सिर्फ “राजनीतिक प्रोजेक्ट” में व्यस्त है।

    रिवरफ्रंट प्रोजेक्ट पर बोलते हुए अखिलेश यादव ने यह भी पूछा कि आखिर बीजेपी नालों पर रिवरफ्रंट कैसे बनाने की बात कर रही है? उन्होंने कहा कि सपा के दौरान गोमती रिवरफ्रंट को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार विकसित किया गया, जो यूपी के सबसे बड़े पर्यटन आकर्षणों में से एक बन सकता था। लेकिन सरकार ने उसे बदनाम करने और अपने राजनीतिक एजेंडे के लिए गलत बातें फैलाईं। उन्होंने पीएम मोदी द्वारा गंगा नदी की सफाई के वादों पर भी कटाक्ष किया और पूछा कि आखिर गंगा सफाई के नाम पर करोड़ों खर्च हुए, लेकिन परिणाम कहां हैं?

    अखिलेश यादव ने बीजेपी नेतृत्व की सोच को “संकीर्ण” बताते हुए कहा कि जो लोग खुद दूरदृष्टि नहीं रखते, वे विकास के चौड़ीकरण की बात कैसे कर सकते हैं? उनके अनुसार, बीजेपी सिर्फ बड़े-बड़े सपने दिखाती है, लेकिन असल में जमीन पर काम नहीं होता। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी कभी बहुत पीछे की सोचती है, तो कभी बहुत आगे, लेकिन वर्तमान की वास्तविक ज़रूरतों से उसका कोई लेना-देना नहीं।

    सीएम योगी आदित्यनाथ पर टिप्पणी करते हुए अखिलेश ने कहा कि योगी जी सिंगापुर में स्पेन ढूंढ रहे थे। उनके इस बयान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद लोगों को चौंका दिया। उनका तात्पर्य यह था कि यूपी के मुख्यमंत्री को विदेश यात्राओं और निवेशक सम्मेलनों में भी ठोस परिणाम नहीं मिलते क्योंकि सरकार की योजना और नीतियों में स्पष्टता की कमी है।

    अखिलेश यादव ने कारोबार और आम जनता की समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि आज यूपी में विकास की बातें होती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर व्यापारियों, किसानों और युवाओं की स्थिति ठीक नहीं है। सरकार अपने राजनीतिक हितों के लिए “डिवाइड एंड रूल” की नीति अपना रही है और विपक्ष की आवाज को कमजोर करने में जुटी है।

    अंत में अखिलेश यादव ने दावा किया कि सपा सरकार में किए गए विकास कार्य आज भी यूपी की पहचान हैं। उन्होंने कहा कि जब 2027 में सत्ता बदलेगी, तब समाजवादी पार्टी फिर से यूपी को विकास के सही रास्ते पर ले जाएगी और उन अधूरे सपनों को पूरा करेगी जिन पर बीजेपी ने सिर्फ उद्घाटन की राजनीति की है।

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