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दुबई एयर शो में भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस के क्रैश होने की खबर ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। शुक्रवार को हुए इस भीषण हादसे में विमान के पायलट की मौत हो गई, जिसकी आधिकारिक पुष्टि भारतीय वायुसेना ने कर दी है। यह घटना न केवल भारतीय वायुसेना बल्कि दुनिया के रक्षा विशेषज्ञों के लिए भी चिंता का विषय बन गई है, क्योंकि तेजस भारत की अत्याधुनिक तकनीक और स्वदेशी क्षमता का प्रतीक माना जाता है। घटनास्थल से सामने आए दृश्यों ने इस दुर्घटना की भयावहता और दर्दनाक रूप को स्पष्ट कर दिया है।
नई दिल्ली में वायुसेना मुख्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि दुबई एयर शो के प्रदर्शन के दौरान भारतीय एलसीए तेजस विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में पायलट को गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। वायुसेना ने इस दुखद नुकसान पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन समय में पूरा बल शोक संतप्त परिवार के साथ खड़ा है। पायलट की पहचान और अन्य आधिकारिक विवरण सुरक्षा कारणों से अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
घटना के तुरंत बाद एयर शो आयोजकों, दुबई सुरक्षा एजेंसियों और भारतीय प्रतिनिधि दल ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। हालांकि विमान को जिस ऊंचाई और गति से प्रदर्शन करना था, उसी दौरान नियंत्रण बिगड़ने की वजह से वह कुछ ही क्षणों में नीचे आ गिरा। सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में तेजस विमान को अचानक संतुलन खोकर जमीन से टकराते देखा जा सकता है। यह दृश्य इतना भयावह था कि वहां मौजूद दर्शक और रक्षा विशेषज्ञ भी स्तब्ध रह गए।
भारतीय वायुसेना ने हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए एक उच्च स्तरीय कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दिए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि दुर्घटना तकनीकी खराबी के चलते हुई, पायलट की सुरक्षा प्रणाली में कोई समस्या आई या मौसम की स्थिति इसका कारण बनी। रक्षा सूत्रों का कहना है कि तेजस विमान नियमित रूप से एयर शो में प्रदर्शन करता रहा है और उसे कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सराहना मिल चुकी है, इसलिए इस दुर्घटना की तह तक जाना बेहद जरूरी है।
तेजस भारत द्वारा निर्मित हल्का लड़ाकू विमान है, जिसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और DRDO के वैज्ञानिकों ने मिलकर तैयार किया है। यह न सिर्फ भारतीय वायुसेना की रीढ़ बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की बड़ी उपलब्धि भी है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय मंच पर तेजस का दुर्घटनाग्रस्त होना भारतीय रक्षा प्रतिष्ठान के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
दुबई एयर शो दुनिया के सबसे बड़े एयरोस्पेस और रक्षा प्रदर्शनों में से एक है, जहां विभिन्न देशों के लड़ाकू विमानों की क्षमता और नवीनतम तकनीक का प्रदर्शन किया जाता है। भारत हर बार की तरह इस बार भी विशेष तैयारी के साथ शो में भाग ले रहा था। तेजस की उड़ान का प्रदर्शन इस शो में भारत की तकनीकी श्रेष्ठता को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से किया जा रहा था, लेकिन दुर्भाग्यवश यह क्षण एक बड़ी त्रासदी में बदल गया।
सीनियर रक्षा पत्रकार आदित्य रज कॉल सहित कई अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों ने दुर्घटना का वीडियो साझा किया, जिसमें तेजस को अचानक नीचे गिरते देखा जा सकता है। वीडियो में दुर्घटना के बाद उठता धुआं और मौके पर फैली अफरा-तफरी साफ दिखाई देती है। जैसे ही विमान जमीन से टकराया, सुरक्षा बल तुरंत हरकत में आए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
देश में इस घटना के बाद शोक की लहर दौड़ गई है। सोशल मीडिया पर हजारों लोग पायलट के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं और उनके परिवार के लिए संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि हादसों का जोखिम किसी भी लड़ाकू विमान के परीक्षण या एरोबेटिक प्रदर्शन के दौरान बना रहता है, लेकिन पायलट की यह शहादत देश के लिए अपूरणीय क्षति है।
वायुसेना ने कहा है कि वह पूरे मामले की वैज्ञानिक और तकनीकी जांच करेगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल तेजस विमानों की विदेशी प्रदर्शन उड़ानों पर भी समीक्षा की जा सकती है। सरकार और रक्षा मंत्रालय इस घटना की गंभीरता को देखते हुए लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।








