राजेश चौधरी | जयपुर | समाचार वाणी न्यूज़
राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने आज जयपुर स्थित जवाहर कला केंद्र में आयोजित सरस राज सखी राष्ट्रीय मेले का भव्य उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने देश एवं प्रदेश के विभिन्न राज्यों से आई महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) द्वारा लगाए गए स्टॉल्स का अवलोकन किया और महिलाओं की मेहनत, हुनर एवं उद्यमशीलता की खुले दिल से सराहना की।
मुख्यमंत्री ने मेले में उपस्थित महिला उद्यमियों से आत्मीय संवाद करते हुए उनके अनुभवों को सुना और उनके द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को नजदीक से देखा। हस्तशिल्प, हथकरघा, पारंपरिक परिधान, खाद्य उत्पाद, घरेलू उपयोग की वस्तुएं और नवाचार से जुड़े कई स्टॉल्स इस मेले में आकर्षण का केंद्र रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मेला महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक सशक्त उदाहरण है।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि अवसर और मंच मिले, तो महिलाएं न केवल अपने परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत कर सकती हैं, बल्कि समाज और राज्य की अर्थव्यवस्था में भी अहम योगदान दे सकती हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं का यह आत्मविश्वास और स्वावलंबन राजस्थान के विकास की मजबूत नींव है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ‘सहकार से समृद्धि’ के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। किसान, महिला और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देना सरकार की प्राथमिकता है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं, जिससे पलायन रुकेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरस राज सखी राष्ट्रीय मेला महिलाओं के लिए केवल एक प्रदर्शनी मंच नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भरता, नवाचार और सामाजिक परिवर्तन का प्रतीक है। यहां महिलाओं को अपने उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है, जिससे उनके आत्मविश्वास में वृद्धि होती है और उन्हें नए बाजार भी प्राप्त होते हैं।
मेले के दौरान मुख्यमंत्री ने महिला उद्यमियों के हुनर और नवाचार की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि कई महिलाएं पारंपरिक कला और संस्कृति को आधुनिक रूप देकर बाजार की मांग के अनुसार उत्पाद तैयार कर रही हैं, जो काबिले-तारीफ है। यह दर्शाता है कि ग्रामीण महिलाएं भी बदलते समय के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिला स्वयं सहायता समूहों को अधिक से अधिक प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि वे अपने व्यवसाय को और अधिक सशक्त बना सकें। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी है, जब वह ज़मीनी स्तर पर महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिला उद्यमी, स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएं, प्रशासनिक अधिकारी और आमजन उपस्थित रहे। जवाहर कला केंद्र का परिसर रंग-बिरंगे स्टॉल्स, पारंपरिक कलाओं और जीवंत माहौल से गुलजार नजर आया। मेले में आए लोगों ने भी महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों की सराहना की और खरीदारी कर उनका उत्साह बढ़ाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में ऐसे मेलों और आयोजनों के माध्यम से महिलाओं को और अधिक अवसर प्रदान किए जाएंगे। इससे न केवल महिला सशक्तिकरण को बल मिलेगा, बल्कि राजस्थान की पारंपरिक कला, संस्कृति और उत्पादों को भी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी।
“हमारी सरकार ‘सहकार से समृद्धि’ के संकल्प के साथ किसान, महिला और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान कर रही है। महिला स्वयं सहायता समूहों की शक्ति ही आत्मनिर्भर राजस्थान की असली पहचान है।”
— मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा








