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राजेश चौधरी | जयपुर | समाचार वाणी न्यूज़
राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने आज मुख्यमंत्री कार्यालय में ऊर्जा विभाग की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य की ऊर्जा व्यवस्था, विद्युत उत्पादन क्षमता, किसानों को बिजली आपूर्ति, सौर ऊर्जा परियोजनाओं और भविष्य की ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर गहन मंथन किया गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसानों की समृद्धि और प्रदेश की ऊर्जा सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रबी सीजन के दौरान प्रदेश के किसानों को पर्याप्त, निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि खेती राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और अन्नदाता को किसी भी प्रकार की बिजली समस्या का सामना नहीं करना चाहिए। इसके लिए बिजली वितरण व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने सौर ऊर्जा और बैटरी स्टोरेज की नई संभावनाओं पर गंभीरता से विचार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ ऊर्जा क्षेत्र में नवाचार और आधुनिक तकनीकों को अपनाना अत्यंत आवश्यक है। राजस्थान में प्रचुर मात्रा में सूर्य ऊर्जा उपलब्ध है, जिसका अधिकतम उपयोग कर राज्य को स्वच्छ और आत्मनिर्भर ऊर्जा प्रदेश बनाया जा सकता है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना (PM Surya Ghar Yojana) के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल आम नागरिकों को सस्ती बिजली उपलब्ध कराएगी, बल्कि राज्य की ऊर्जा मांग को भी संतुलित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। योजना के माध्यम से घर-घर सोलर पैनल लगाकर बिजली उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे उपभोक्ताओं के बिजली बिल में भी कमी आएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बैटरी स्टोरेज सिस्टम को सौर ऊर्जा के साथ जोड़कर बिजली आपूर्ति को और अधिक स्थिर बनाया जा सकता है। इससे दिन और रात दोनों समय ऊर्जा उपलब्धता सुनिश्चित होगी और ग्रिड पर दबाव भी कम होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ऊर्जा क्षेत्र में दीर्घकालिक और टिकाऊ समाधान अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
बैठक में यह भी बताया गया कि गत दो वर्षों में राजस्थान की विद्युत उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने इसे राज्य सरकार की दूरदर्शी नीतियों और योजनाओं का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि राजस्थान स्वच्छ ऊर्जा में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में हो रहे सुधारों का सीधा लाभ किसानों, उद्योगों और आम जनता को मिल रहा है। पर्याप्त बिजली आपूर्ति से कृषि उत्पादन बढ़ेगा, उद्योगों को गति मिलेगी और राज्य के समग्र विकास को मजबूती मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनहित से जुड़ी योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो और सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं।
बैठक के दौरान ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को विभाग की वर्तमान स्थिति, भविष्य की योजनाओं और चल रही परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने सभी योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने और ज़मीनी स्तर पर उनके प्रभाव को सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल बिजली उत्पादन बढ़ाना ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा दक्षता और सतत विकास को भी समान महत्व देना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में राजस्थान ऊर्जा क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा।
मुख्यमंत्री का संदेश
“किसानों की समृद्धि और प्रदेश की ऊर्जा सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बीते दो वर्षों में विद्युत उत्पादन क्षमता में हुई वृद्धि यह दर्शाती है कि राजस्थान स्वच्छ ऊर्जा में आत्मनिर्भरता की ओर तेज़ी से अग्रसर है।”
— मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा








