भारतीय सिनेमा और डिजिटल मीडिया की दुनिया में एक बार फिर तीखा टकराव देखने को मिल रहा है। मशहूर राजनीतिक विश्लेषक और यूट्यूब कंटेंट क्रिएटर ध्रुव राठी ने एक बयान देकर न केवल सोशल मीडिया बल्कि बॉलीवुड और राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मचा दी है। ध्रुव राठी ने दावा किया है कि उनका आने वाला यूट्यूब वीडियो एक ₹300 करोड़ की “प्रोपेगैंडा फिल्म” को पूरी तरह से तबाह कर देगा। हालाँकि उन्होंने फिल्म का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके इस बयान को सीधे तौर पर रणवीर सिंह अभिनीत सुपरहिट फिल्म ‘धुरंधर’ से जोड़कर देखा जा रहा है।
शनिवार को ध्रुव राठी ने X (पूर्व में ट्विटर) पर एक रहस्यमयी लेकिन आक्रामक पोस्ट साझा किया। उन्होंने लिखा कि सिर्फ एक यूट्यूब वीडियो ही ₹300 करोड़ की फिल्म को नष्ट करने के लिए काफी है और इसके बाद “मेल्टडाउन” देखने लायक होगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वीडियो उसी रात रिलीज़ किया जाएगा।
इस पोस्ट के सामने आते ही सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई। समर्थकों ने इसे अभिव्यक्ति की आज़ादी और सिनेमा की आलोचना के अधिकार से जोड़ा, जबकि आलोचकों ने इसे पब्लिसिटी स्टंट और जानबूझकर विवाद खड़ा करने की कोशिश बताया।
रणवीर सिंह स्टारर स्पाई थ्रिलर ‘धुरंधर’ इस समय भारतीय बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन कर रही है।
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भारत में नेट कलेक्शन: ₹480 करोड़ से अधिक
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वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन: ₹740 करोड़ से ज्यादा
फिल्म को साल 2025 की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में गिना जा रहा है। दर्शकों ने इसके एक्शन, सिनेमैटोग्राफी और दमदार अभिनय की जमकर तारीफ की है। फिल्म की सफलता के बीच ध्रुव राठी का बयान और भी ज्यादा सुर्खियों में आ गया है।
ध्रुव राठी और ‘धुरंधर’ के बीच यह विवाद नया नहीं है। नवंबर 2025 में फिल्म के ट्रेलर रिलीज़ के समय ही राठी ने निर्देशक आदित्य धर की कड़ी आलोचना की थी। उन्होंने ट्रेलर में दिखाई गई हिंसा और यातना के दृश्यों को “अत्यधिक क्रूर” बताया था।
ध्रुव राठी ने यह भी आरोप लगाया था कि इस तरह की फिल्में युवाओं के दिमाग को हिंसा के प्रति असंवेदनशील बनाती हैं और केवल मुनाफे के लिए क्रूरता को महिमामंडित करती हैं। उनके इस बयान के बाद फिल्म के समर्थकों और विरोधियों के बीच सोशल मीडिया पर तीखी बहस देखने को मिली थी।
‘धुरंधर’ एक भारतीय जासूस की कहानी है, जो पाकिस्तान के लियारी इलाके में आतंकवादी नेटवर्क को तोड़ने के मिशन पर भेजा जाता है। फिल्म में देशभक्ति, राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष को बेहद आक्रामक और भावनात्मक अंदाज़ में पेश किया गया है।
हालाँकि फिल्म को तकनीकी स्तर पर खूब सराहना मिली, लेकिन इसकी राजनीतिक विचारधारा को लेकर सवाल भी उठे। कुछ आलोचकों का मानना है कि फिल्म एक खास राजनीतिक नैरेटिव को बढ़ावा देती है। अभिनेता ऋतिक रोशन ने भी अपने रिव्यू में फिल्म की तारीफ करते हुए यह कहा था कि वह इसके राजनीतिक संदेश से पूरी तरह सहमत नहीं हैं।
ध्रुव राठी का यह दावा कि एक यूट्यूब वीडियो इतनी बड़ी फिल्म को “तबाह” कर सकता है, आज के डिजिटल युग की ताकत को दर्शाता है। यूट्यूब और सोशल मीडिया अब सिर्फ मनोरंजन के माध्यम नहीं रहे, बल्कि वे जनमत को प्रभावित करने का बड़ा मंच बन चुके हैं।
यह विवाद इस बात का भी संकेत है कि अब फिल्मों की आलोचना केवल समीक्षाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर विचारधारात्मक बहस का रूप ले चुकी है।
अब दर्शकों और फिल्म इंडस्ट्री की निगाहें ध्रुव राठी के उस वीडियो पर टिकी हैं, जिसकी उन्होंने घोषणा की है। क्या यह वीडियो फिल्म की राजनीति, कंटेंट और संदेश पर गहरी चोट करेगा, या यह विवाद केवल सोशल मीडिया तक ही सीमित रह जाएगा—यह आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा।
एक बात निश्चित है कि ध्रुव राठी बनाम ‘धुरंधर’ का यह विवाद मनोरंजन और राजनीति के मेल का एक बड़ा उदाहरण बन चुका है, जिसने डिजिटल और सिनेमाई दुनिया के बीच की खाई को और उजागर कर दिया है।








