भारतीय क्रिकेट में वापसी की कहानियाँ हमेशा खास होती हैं, लेकिन ईशान किशन की वापसी उन्हें और भी अलग बना देती है। लगभग दो साल के लंबे इंतज़ार, आलोचनाओं और टीम से बाहर रहने के बाद ईशान किशन ने एक बार फिर खुद को साबित किया है। BCCI द्वारा T20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए घोषित भारतीय टीम में ईशान किशन का चयन इस बात का प्रमाण है कि कड़ी मेहनत और निरंतर प्रदर्शन कभी व्यर्थ नहीं जाता।
ईशान किशन कभी भारतीय क्रिकेट के सबसे विस्फोटक बल्लेबाज़ों में गिने जाते थे। वनडे क्रिकेट में दोहरा शतक लगाने वाले इस विकेटकीपर-बल्लेबाज़ से भविष्य की बड़ी उम्मीदें थीं। लेकिन 2023 के बाद उनका करियर एक मुश्किल दौर से गुज़रा। फिटनेस, फॉर्म और चयनकर्ताओं की प्राथमिकताओं के चलते वह धीरे-धीरे टीम से बाहर होते चले गए।
कई मौकों पर चयन न होने के बावजूद ईशान ने सार्वजनिक तौर पर कोई शिकायत नहीं की। उन्होंने खुद को घरेलू क्रिकेट तक सीमित रखा और वहीं से वापसी का रास्ता चुना।
ईशान किशन की वापसी की सबसे बड़ी वजह बना Syed Mushtaq Ali Trophy (SMAT) में उनका जबरदस्त प्रदर्शन। उन्होंने न सिर्फ अपनी टीम का नेतृत्व किया, बल्कि बल्ले से भी आग उगली।
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10 मैचों में 517 रन
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स्ट्राइक रेट लगभग 200
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सबसे ज्यादा छक्के
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अपनी टीम को खिताब जिताने में अहम भूमिका
इस प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं को दोबारा सोचने पर मजबूर कर दिया। घरेलू क्रिकेट में लगातार रन बनाकर ईशान ने यह साबित कर दिया कि वह अब भी T20 फॉर्मेट के लिए एक एक्स-फैक्टर खिलाड़ी हैं।
जब T20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारतीय टीम की घोषणा हुई, तो सबसे बड़ा नाम जिसने सुर्खियाँ बटोरीं, वह था ईशान किशन। जहां एक ओर शुभमन गिल और जितेश शर्मा को बाहर रखा गया, वहीं ईशान को विकेटकीपर-बल्लेबाज़ के रूप में मौका मिला।
मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने साफ कहा कि चयन फॉर्म और टीम संयोजन के आधार पर किया गया है। T20 फॉर्मेट में ऐसे खिलाड़ी की जरूरत होती है जो पावरप्ले में तेजी से रन बना सके, और ईशान इस भूमिका में फिट बैठते हैं।
भारतीय टीम में पहले से ही कई मजबूत बल्लेबाज़ हैं, लेकिन ईशान किशन की खासियत है:
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आक्रामक ओपनिंग का अनुभव
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लेफ्ट-हैंड बैट्समैन होना
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विकेटकीपिंग का अतिरिक्त विकल्प
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बड़े मैचों में मैच जिताने की क्षमता
टीम मैनेजमेंट के अनुसार, ईशान को फ्लेक्सिबल रोल दिया जा सकता है — ओपनिंग से लेकर मिडिल ऑर्डर तक।
पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर और हरभजन सिंह ने ईशान किशन की वापसी की सराहना की। हरभजन ने कहा,
“ईशान ऐसा खिलाड़ी है जो अकेले दम पर मैच पलट सकता है। घरेलू क्रिकेट में उसका प्रदर्शन चयन का हकदार था।”
ईशान किशन की यह वापसी सिर्फ टीम में लौटने की कहानी नहीं है, बल्कि यह मानसिक मजबूती, धैर्य और आत्मविश्वास की मिसाल है। दो साल तक मौके का इंतज़ार करना आसान नहीं होता, लेकिन ईशान ने हार नहीं मानी।
अब जब उन्हें T20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर मौका मिला है, तो सभी की निगाहें उनके प्रदर्शन पर होंगी। यह टूर्नामेंट उनके करियर को नई दिशा दे सकता है।
भारत T20 वर्ल्ड कप 2026 का डिफेंडिंग चैंपियन है और घरेलू मैदान पर खेले जाने वाले इस टूर्नामेंट में टीम से खिताब बचाने की उम्मीदें हैं। ईशान किशन जैसे खिलाड़ी टीम को अतिरिक्त मजबूती देते हैं।
क्रिकेट फैंस के लिए यह वापसी प्रेरणादायक है — यह दिखाती है कि अगर हुनर है और मेहनत जारी है, तो वापसी जरूर होती है।








