• Create News
  • बाधाओं को तोड़कर सपनों का निर्माण: अनघा कांबले की प्रेरणादायक सफलता कहानी

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं।

    सच्ची सफलता कभी भी आसान रास्तों से नहीं मिलती। यह जुनून, निरंतर प्रयास, आत्मविश्वास और अपने भीतर की आवाज़ को सुनने का साहस मांगती है। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है अनघा अभिमन्यु कांबले की, जिन्होंने अपने सौंदर्य के प्रति बचपन के प्रेम को मेहनत, ज्ञान और आत्मबल के सहारे एक प्रतिष्ठित पहचान में बदल दिया—अनघा’ज़ सैलून एंड अकैडमी

    अनघा को बचपन से ही सौंदर्य, सृजन और आत्म-अभिव्यक्ति में गहरी रुचि थी। वे पढ़ाई में भी काफी होशियार थीं और परिवार की अपेक्षा थी कि वे एमपीएससी या यूपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करें। लेकिन उनका मन हमेशा ब्यूटी इंडस्ट्री की ओर आकर्षित रहा।

    12वीं कक्षा में पढ़ते हुए उन्होंने अपनी जेब खर्च की बचत से मात्र ₹2,000 में एक बेसिक ब्यूटी कोर्स किया। कॉलेज की पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने ₹200 प्रतिमाह जैसी मामूली राशि पर पार्ट-टाइम काम किया। उनके लिए पैसा नहीं, बल्कि काम की गुणवत्ता और सीखने की प्रक्रिया अधिक महत्वपूर्ण थी।

    ग्रेजुएशन के अंतिम वर्ष में अनघा का विवाह हो गया। विवाह के बाद नई जिम्मेदारियाँ, नया घर और सामाजिक अपेक्षाओं के कारण उनके सपनों को विराम लग गया। उन्हें पति से ब्यूटी फील्ड में करियर बनाने की स्पष्ट अनुमति भी नहीं मिली।

    पहले बच्चे के बाद उन्होंने अपना व्यवसाय शुरू करने की कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो पाया। दूसरे बच्चे की गर्भावस्था के दौरान वे एक स्थानीय ब्यूटी पार्लर में दोबारा काम करने लगीं ताकि अपनी कला को और निखार सकें। काम की सराहना जरूर हुई, लेकिन वे जानती थीं कि उन्हें नौकरी नहीं, बल्कि अपनी स्वतंत्र पहचान चाहिए।

    एक छोटे से 1BHK फ्लैट में रहते हुए अनघा ने घर के एक कोने से ही काम शुरू किया, भले ही परिवार का विरोध झेलना पड़ा। सीमित जगह में भी उनके सपने असीम थे।

    उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब उन्हें अपने पुराने स्कूल में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया। मंच पर मिला सम्मान और आदर उन्हें यह एहसास दिला गया कि वे दूसरों के लिए प्रेरणा बन सकती हैं। वरिष्ठ पूर्व छात्रा गीता नायक मैडम से हुई बातचीत ने उनके आत्मविश्वास को और मजबूत किया।

    यहीं से उन्होंने अपने क्षेत्र में उच्च शिक्षा और विशेषज्ञता की ठान ली।

    दो छोटे बच्चों—पाँच और दो वर्ष—के साथ अनघा ने नवी मुंबई से माहिम तक रोज़ाना 3–4 घंटे की यात्रा शुरू की। यह सब परिवार की अनिच्छा के बावजूद हुआ।

    उन्होंने स्किन और हेयर से जुड़े कोर्स किए। मेकअप सीखने का सपना आर्थिक तंगी और अनुमति के अभाव में अधूरा था, लेकिन पंढरी दादा जैसे मार्गदर्शक ने उनकी प्रतिभा पहचानकर बिना फीस मार्गदर्शन दिया।

    माया परांजपे के कार्य से प्रेरित होकर अनघा को समझ आया कि सौंदर्य केवल कला नहीं, बल्कि विज्ञान भी है।

    अनघा ने महसूस किया कि बाहरी सुंदरता तभी निखरती है जब शरीर अंदर से स्वस्थ हो। इसी सोच ने उन्हें न्यूट्रिशन और डायटेटिक्स की ओर मोड़ा।

    गैर-विज्ञान पृष्ठभूमि, भाषा की कठिनाई और आर्थिक सीमाओं के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। बच्चों के यूट्यूब वीडियो देखकर बेसिक साइंस सीखी और डिप्लोमा इन डायटेटिक्स पूरा किया। इसके साथ उन्हें नई पहचान मिली—डायटीशियन अनघा

    इस दौरान उन्होंने अपने ही बिल्डिंग में एक छोटी सी दुकान किराए पर ली और घर, बच्चे, पढ़ाई व व्यवसाय को साथ-साथ संभाला।

    ज्ञान की यह यात्रा यहीं नहीं रुकी। उन्होंने कॉस्मेटोलॉजी की पढ़ाई की और फिर एक साहसिक कदम उठाते हुए स्किन साइंस में पीएचडी करने का निर्णय लिया।

    पीएचडी पूरी कर ‘डॉ. अनघा’ कहलाना उनके जीवन का सबसे गौरवपूर्ण क्षण रहा। यह वर्षों की मेहनत, आत्मविश्वास और संघर्ष की जीत थी।

    10×10 फीट के छोटे से सैलून से शुरू हुआ यह सफर आज 600 वर्गफुट के प्रोफेशनल सैलून और अकैडमी तक पहुंच चुका है। इस यात्रा में उन्हें अपने स्टाफ, दोस्तों और परिवार का भावनात्मक सहयोग मिला।

    एक भावनात्मक बदलाव तब आया जब उनके पति, जो पहले विरोध में थे, बाद में व्यवसाय के विस्तार में निवेश करने को तैयार हुए।

    दूसरी ब्रांच का प्रयास सफल नहीं हुआ, लेकिन अनघा ने खुद को वर्कशॉप्स, सेमिनार्स, क्लासेस और ट्रेनिंग में समर्पित कर दिया।

    आज अनघा कांबले एक संपूर्ण ब्यूटी एक्सपर्ट हैं, जिन्हें निम्न क्षेत्रों में विशेषज्ञता प्राप्त है:

    • स्किन और हेयर साइंस

    • कॉस्मेटोलॉजी

    • मेकअप व परमानेंट मेकअप

    • नेल आर्ट और बॉडी ट्रीटमेंट

    • सैलून मैनेजमेंट और प्रोफेशनल ट्रेनिंग

    वे लगातार सेमिनार और वर्कशॉप्स में भाग लेकर अपने ज्ञान को अपडेट रखती हैं।

    उनकी मेहनत और उपलब्धियों को सम्मानित करते हुए अनघा अभिमन्यु कांबले को
    “महाराष्ट्र बिज़नेस आइकन 2025 / महाराष्ट्र स्टाइल आइकन 2025 / महाराष्ट्र फैशन आइकन 2025” पुरस्कारों के लिए चुना गया है। यह सम्मान Reseal.in और India Fashion Icon Magazine द्वारा प्रदान किया जा रहा है।

    इस भव्य समारोह में वर्षा उसगांवकर, सोनाली कुलकर्णी और प्रार्थना बेहेरे जैसी प्रसिद्ध फिल्म हस्तियाँ शामिल होंगी। कार्यक्रम का आयोजन Reseal.in के संस्थापक एवं CEO श्री सुधीर कुमार पठाडे के नेतृत्व में किया जा रहा है।

    अनघा ने कभी व्यवसाय को जोखिम नहीं माना—उनके लिए यह जुनून और आनंद का माध्यम रहा। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि आत्मविश्वास ताकत देता है और ज्ञान उसे अजेय बना देता है

    जैसा कि वे स्वयं कहती हैं—
    “निडर होकर खड़े रहो, खुद का साथ दो—तुम ही अपने जीवन के सच्चे लीडर हो।”

    अनघा कांबले की यह यात्रा आज असंख्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है।

  • Related Posts

    भादरा की पलक कारेला ने जीता नेशनल रेसलिंग में सिल्वर, इंडिया कैंप के लिए चयनित

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं। राजेश चौधरी | जयपुर | समाचार वाणी न्यूज़  तहसील भादरा, जिला हनुमानगढ़ (राजस्थान) की होनहार बेटी पलक कारेला ने नेशनल…

    Continue reading
    हनुमानगढ़ की पलक कारेला ने जीता नेशनल रेसलिंग में सिल्वर, इंडिया कैंप के लिए हुई चयनित

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं। राजेश चौधरी | जयपुर | समाचार वाणी न्यूज़ तहसील भादरा, जिला हनुमानगढ़ (राजस्थान) की होनहार बेटी पलक कारेला ने नेशनल…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *