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  • आयुर्वेदिक चिकित्सा के क्षेत्र में सेवा, शोध और संकल्प का प्रेरणादायक नाम: डॉ. स्वप्नील दुद्दलवार

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    भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद को आधुनिक युग में नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने वाले चिकित्सकों में डॉ. स्वप्नील दुद्दलवार का नाम विशेष सम्मान के साथ लिया जाता है। वे Shree Vishwashiv Ayurvediya Super Speciality Hospital, Panchakarma and Research Centre के संस्थापक एवं प्रमुख वैद्य हैं। आयुर्वेद को केवल उपचार पद्धति नहीं, बल्कि जीवनशैली मानने वाले डॉ. दुद्दलवार ने अपने ज्ञान, शोध और सेवा भाव से हजारों मरीजों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है।

    डॉ. स्वप्नील दुद्दलवार ने वर्ष 2007 में हरिद्वार स्थित पतंजली योगपीठ से योग एवं आयुर्वेद का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने तिलक आयुर्वेद महाविद्यालय, पुणे से पदव्युत्तर शिक्षा पूर्ण की। पारंपरिक गुरु-शिष्य परंपरा के अंतर्गत उन्होंने सुप्रसिद्ध आयुर्वेद महागुरु वैद्य समीर जमदग्नी से गहन प्रशिक्षण प्राप्त किया, जिससे उनके चिकित्सकीय दृष्टिकोण को गहराई और वैज्ञानिक मजबूती मिली।

    डॉ. दुद्दलवार ने वर्ष 2011 में नांदेड में मात्र 20×20 फीट की ओपीडी से अपने चिकित्सा कार्य की शुरुआत की थी। सीमित संसाधनों के बावजूद उनका लक्ष्य स्पष्ट था—रोग का मूल कारण समझकर बिना शल्य चिकित्सा प्रभावी आयुर्वेदिक उपचार देना। आज वही छोटा सा प्रयास एक भव्य आयुर्वेदिक सुपर स्पेशालिटी हॉस्पिटल में परिवर्तित हो चुका है। वर्तमान में नांदेड स्थित अस्पताल में 30 बेड का अंतररुग्ण विभाग तथा 5 अनुभवी डॉक्टरों की टीम कार्यरत है।

    इसके साथ ही मुंबई, पुणे, लातूर, गुलबर्गा, बिदर, हैदराबाद और नागपुर जैसे शहरों में भी उनकी ब्रांचेस सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं, जो उनकी चिकित्सा प्रणाली पर लोगों के विश्वास को दर्शाती हैं।

    पिछले 15 वर्षों से अधिक समय में डॉ. स्वप्नील दुद्दलवार ने कई जटिल और गंभीर रोगों पर आयुर्वेदिक चिकित्सा द्वारा उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। इनमें कैंसर, थैलेसीमिया, अप्लास्टिक एनीमिया, हृदय रोग, यकृत के गंभीर विकार, मणक्यांचे आजार, मेंदू के जटिल रोग, स्त्री-पुरुष वंध्यत्व, थायरॉइड, हार्मोनल डिसऑर्डर, पाचन तंत्र की बीमारियाँ तथा बच्चों से संबंधित रोग शामिल हैं।
    विशेष रूप से उन्होंने अनेक मामलों में बिना शल्य चिकित्सा उपचार कर रोगियों को राहत प्रदान की है, जिससे वे आयुर्वेदिक चिकित्सा के क्षेत्र में एक विशिष्ट पहचान बना चुके हैं।

    कोरोना महामारी के दौरान जब पूरा देश संकट में था, उस समय डॉ. दुद्दलवार ने कई स्थानों पर निःशुल्क आयुर्वेदिक औषधियों का वितरण किया। अनेक अस्पतालों में उनके द्वारा सुझाई गई आयुर्वेदिक दवाओं के कारण मरीजों के प्राण सुरक्षित रहे। यह उनका मानवीय दृष्टिकोण और समाज के प्रति उत्तरदायित्व को दर्शाता है।

    डॉ. स्वप्नील दुद्दलवार मूलतः शोध प्रवृत्ति के चिकित्सक हैं। वे स्वयं नवीन और प्रभावी आयुर्वेदिक औषधियों का निर्माण करते हैं। इसके साथ ही विद्यार्थियों को निःशुल्क आयुर्वेद प्रशिक्षण और ज्ञानदान भी देते हैं।
    उन्होंने नाशिक आरोग्य विज्ञान विद्यापीठ से आयुर्वेद प्रशिक्षण प्राप्त किया है और विभिन्न टीवी चैनलों पर आयुर्वेद से संबंधित जनजागृति कार्यक्रमों में विशेष साक्षात्कार भी दिए हैं।

    वे नर्गीसदत्त कैंसर हॉस्पिटल, बार्शी में सहायक वैद्य के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं तथा श्री विश्वनाथ महाराज रुकडीकर ट्रस्ट के अंतर्गत हर माह 400 से 500 मरीजों को निःशुल्क आयुर्वेदिक उपचार प्रदान करते हैं।

    डॉ. दुद्दलवार को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए कई प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है, जिनमें महाराष्ट्र भूषण पुरस्कार (2018) और आयुर्वेद युवा उपलब्धि पुरस्कार 2025 प्रमुख हैं।

    उनकी निरंतर साधना, सेवा और अनुसंधान को देखते हुए वर्ष 2025 में उन्हें
    “Maharashtra Business Icon 2025”  पुरस्कारों के लिए चयनित किया गया है। यह सम्मान Reseal.in एवं India Fashion Icon Magazine द्वारा प्रदान किया जा रहा है।

    इस भव्य पुरस्कार समारोह में प्रसिद्ध फिल्म हस्तियाँ वर्षा उसगांवकर, सोनाली कुलकर्णी और प्रार्थना बेहेरे की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। आयोजन का नेतृत्व Reseal.in के संस्थापक एवं CEO श्री सुधीर कुमार पठाडे कर रहे हैं, जो महाराष्ट्र के उभरते उद्यमियों और प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान करने के लिए जाने जाते हैं।

    डॉ. स्वप्नील दुद्दलवार की यात्रा यह सिद्ध करती है कि यदि समर्पण, सेवा भाव और शोध का संतुलन हो, तो आयुर्वेद न केवल रोगों का उपचार कर सकता है, बल्कि समाज को स्वस्थ और सशक्त दिशा भी दे सकता है।

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