कंप्यूटर विज्ञान और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में एक दिलचस्प प्रयोग हुआ है जहाँ AI ने एक सप्ताह में 3 मिलियन (30 लाख) से अधिक लाइनों का कोड लिखकर एक वेब ब्राउज़र तैयार किया है। यह प्रयोग Cursor नामक कंपनी के सीईओ माइकल ट्रुयल (Michael Trulli) ने साझा किया, जिन्होंने बताया कि AI ने पूरी प्रक्रिया स्वायत्त (autonomous) रूप से पूरी की।
Cursor ने इस परियोजना के लिए OpenAI के GPT‑5.2 Codex मॉडल का उपयोग किया, जो लंबे और जटिल कोडिंग कार्य करने में सक्षम है। AI एजेंटों ने लगातार सात दिनों तक काम करते हुए हजारों फाइलों में कोड लिखा और अंततः एक सिंपल वेब ब्राउज़र तैयार किया। ब्राउज़र की मूल रेंडरिंग इंजन Rust भाषा में लिखा गया है, जिसमें HTML पार्सिंग, CSS प्रोसेसिंग, लेआउट और एक कस्टम JavaScript VM शामिल हैं।
हालाँकि ट्रुयल ने स्पष्ट किया कि यह उत्पाद अभी प्रोडक्शन‑रेडी नहीं है और इसमें कई समस्याएँ हैं। उन्होंने कहा कि यह एक प्रयोगात्मक प्रोजेक्ट था ताकि यह देखा जा सके कि AI कितनी बड़ी और जटिल सॉफ्टवेयर प्रणाली खुद से तैयार कर सकता है। वर्तमान संस्करण “kind of works” यानी — कुछ बुनियादी वेबसाइटों को लोड कर सकता है, पर यह WebKit/Chromium जैसे स्थापित ब्राउज़रों की बराबरी नहीं कर पाता।
इंटरनेट समुदाय और टेक विशेषज्ञों ने इस प्रयोग पर मिश्रित प्रतिक्रियाएँ दी हैं। कुछ लोग इसे AI की शानदार क्षमता का संकेत मानते हैं, जबकि कई ने कोड की गुणवत्ता और वास्तविक उपयोगिता पर सवाल उठाए हैं। कुछ प्रतिक्रियाओं में कहा गया कि इतनी बड़ी कोडबेस का रख‑रखाव और वास्तविक अनुप्रयोगों में इस्तेमाल करना अभी भी बड़ी चुनौती है।
यह घटना AI‑सहायता प्राप्त लंबे समय तक चलने वाले स्वतः कोडिंग एजेंटों के संभावित उपयोग को दर्शाती है और यह संकेत करती है कि भविष्य में बड़े सॉफ्टवेयर प्रोजेक्ट्स में AI की भागीदारी और अधिक गंभीर रूप से बढ़ सकती है — विशेषकर डिजाइन, कोडिंग और प्राथमिक निर्माण में।








