इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं।

जियान सहानी | मलोट (पंजाब) | समाचार वाणी न्यूज़
संयुक्त किसान मोर्चा भारत और विभिन्न जन संगठनों के आह्वान पर मलोट शहर में आम आदमी पार्टी की कैबिनेट मंत्री बीबी बलजीत कौर के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने निजीकरण नीतियों को वापस लेने और कथित काले कानूनों को रद्द करने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान विभिन्न किसान एवं मजदूर संगठनों के नेताओं ने पंजाब और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि आजादी के बाद स्थापित किए गए सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थान—जैसे बिजली, शिक्षा, सड़क परिवहन, स्वास्थ्य, रेलवे, रक्षा और विमानन—देश की तरक्की और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण रहे हैं, लेकिन वर्तमान नीतियों के तहत इन्हें धीरे-धीरे निजी हाथों में सौंपा जा रहा है।
पंजाब खेत मजदूर यूनियन के जिला कार्यकारी अध्यक्ष गुरजंट सिंह सौके, टेक्निकल सर्विस यूनियन के राज्य नेता भूपिंदर सिंह बिट्टू, भाकि एकता डकौंदा के गुरदीप खुडियां, भाकि एकता उगराहां के जिला महासचिव गुरभगत सिंह भलाईआना, कीर्ति किसान यूनियन के प्रेस सचिव गुरचरण सिंह बुट्टर, कुल हिंद किसान सभा के राज्य उपाध्यक्ष गुरप्रीत सिंह नड्डा सहित अनेक संगठनों के प्रतिनिधियों ने संबोधित किया।
वक्ताओं ने कहा कि निजीकरण से रोजगार के अवसर कम होंगे और आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। संयुक्त किसान मोर्चा भारत ने चेतावनी दी कि सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों की कमियों को दूर कर उन्हें मजबूत किया जाए, न कि उन्हें निजी हाथों में सौंपा जाए।
प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस बल तैनात रहा।








