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मध्य-पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच पर्शियन गल्फ क्षेत्र में कई भारतीय जहाज और नाविक फंसे हुए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, वर्तमान समय में लगभग 28 भारतीय जहाज और 778 नाविक अब भी समुद्र में फंसे हुए हैं, जिससे उनके परिवारों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है।
यह स्थिति खास तौर पर रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग Strait of Hormuz के आसपास बनी हुई है। यह जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त तेल परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मध्य-पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव और सुरक्षा खतरों के कारण कई व्यापारिक जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। पर्शियन गल्फ के आसपास सुरक्षा स्थिति को देखते हुए कई जहाजों को समुद्र में ही रुकने या वैकल्पिक मार्ग अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।
इसी कारण भारतीय जहाजों और उन पर मौजूद नाविकों को भी समुद्र में इंतजार करना पड़ रहा है। समुद्री विशेषज्ञों का कहना है कि इस क्षेत्र में किसी भी सैन्य गतिविधि या हमले की आशंका के कारण जहाजों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
भारत सरकार ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए संबंधित मंत्रालयों और विदेश मंत्रालय के माध्यम से निगरानी बढ़ा दी है। भारतीय दूतावास और मिशन भी इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, भारतीय जहाजों और उन पर तैनात नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाने या अन्य वैकल्पिक व्यवस्था करने की भी तैयारी की जा रही है।
होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया के कुल समुद्री तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इसी वजह से इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार का तनाव वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को सीधे प्रभावित कर सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस मार्ग पर लंबे समय तक तनाव बना रहता है तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों और समुद्री व्यापार पर भी पड़ सकता है।
भारत सरकार और समुद्री एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं। जहाजों के कप्तानों और नाविकों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखा जा रहा है ताकि उनकी सुरक्षा और जरूरतों का ध्यान रखा जा सके।
इस बीच अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि जैसे ही स्थिति सामान्य होगी, जहाजों को सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य की ओर बढ़ने की अनुमति दी जाएगी।
फिलहाल पर्शियन गल्फ और Persian Gulf क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण समुद्री गतिविधियों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।








