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  • एलपीजी सप्लाई को लेकर महाराष्ट्र सरकार अलर्ट, गैस की कमी रोकने के लिए कंट्रोल रूम और मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार

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    पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक ऊर्जा संकट की आशंकाओं के बीच महाराष्ट्र सरकार ने एलपीजी गैस सप्लाई को लेकर बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने साफ किया है कि फिलहाल राज्य में घरेलू गैस सिलेंडर की किसी प्रकार की कमी नहीं है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है।

    हालांकि संभावित संकट को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं ताकि भविष्य में किसी भी स्थिति में गैस की सप्लाई प्रभावित न हो। सरकार ने राज्यभर में कंट्रोल रूम और जिला स्तर पर विशेष निगरानी समितियां बनाकर सप्लाई चेन पर कड़ी नजर रखने का निर्णय लिया है।

    राज्यभर में बनाए गए कंट्रोल रूम

    राज्य प्रशासन ने एलपीजी सप्लाई की निगरानी के लिए विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं। इन कंट्रोल रूम के माध्यम से गैस वितरण, स्टॉक और परिवहन व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जाएगी।

    सरकार का कहना है कि यदि किसी क्षेत्र में सप्लाई से जुड़ी कोई समस्या सामने आती है तो तुरंत समाधान के लिए कार्रवाई की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य में कहीं भी गैस की कमी महसूस न हो।

    अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश

    महाराष्ट्र सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव Anil Diggikar ने सभी संबंधित अधिकारियों को एलपीजी सप्लाई चेन पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं।

    उन्होंने यह भी कहा कि अगर सप्लाई में किसी प्रकार की बाधा आती है तो तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था की जाए ताकि नागरिकों को किसी तरह की परेशानी न हो।

    क्यों लिया गया यह फैसला?

    सरकार का यह कदम पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को देखते हुए उठाया गया है। इस क्षेत्र में कई प्रमुख तेल और गैस उत्पादक देश स्थित हैं, इसलिए वहां की स्थिति का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है।

    ऐसे में सरकार नहीं चाहती कि अफवाहों के कारण लोगों में घबराहट फैले या गैस की जमाखोरी शुरू हो जाए। इसलिए प्रशासन ने पहले से ही सप्लाई व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी कर ली है।

    जिलों में बनाई गई मॉनिटरिंग समितियां

    राज्य के सभी जिलों में जिला कलेक्टर के नेतृत्व में विशेष मॉनिटरिंग समितियां बनाई गई हैं। ये समितियां एलपीजी वितरण की स्थिति, स्टॉक और आपूर्ति व्यवस्था की नियमित समीक्षा करेंगी।

    इसके अलावा ये समितियां रोजाना अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजेंगी ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत निर्णय लिया जा सके।

    जरूरी सेवाओं को मिलेगी प्राथमिकता

    सरकार ने स्पष्ट किया है कि अस्पतालों, सरकारी छात्रावासों और स्कूलों की मिड-डे मील योजना जैसी आवश्यक सेवाओं को एलपीजी सप्लाई में प्राथमिकता दी जाएगी।

    इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी परिस्थिति में इन महत्वपूर्ण सेवाओं पर गैस सप्लाई की कमी का असर न पड़े।

    नागरिकों से घबराने की अपील नहीं

    अधिकारियों के मुताबिक मार्च महीने में राज्य में घरेलू एलपीजी की उपलब्धता पिछले छह महीनों के औसत से भी अधिक है। इसके साथ ही रिफाइनरियों ने बढ़ती मांग को देखते हुए उत्पादन भी बढ़ा दिया है।

    सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और गैस सिलेंडर का अनावश्यक भंडारण न करें, क्योंकि राज्य में फिलहाल सप्लाई पूरी तरह सामान्य है।

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