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रमजान के आखिरी जुमे के मौके पर Hyderabad में आयोजित एक बड़े धार्मिक कार्यक्रम के दौरान Asaduddin Owaisi ने पाकिस्तान और अंतरराष्ट्रीय हालात को लेकर तीखा बयान दिया। उनके इस बयान ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।
अपने संबोधन में ओवैसी ने पाकिस्तान की नीतियों की आलोचना करते हुए उसे “इजरायल का छोटा भाई” बताया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से पाकिस्तान का रवैया रहा है, उससे वह मुस्लिम दुनिया के हितों के खिलाफ खड़ा नजर आता है।
ओवैसी ने हाल ही में Kabul में हुए हमले पर भी गहरा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि निर्दोष लोगों पर हमले किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किए जा सकते और ऐसे कृत्य इस्लाम की मूल भावना के खिलाफ हैं।
उन्होंने अपने भाषण में कहा कि दुनिया भर में हो रही हिंसक घटनाएं चिंता का विषय हैं और मुस्लिम देशों को एकजुट होकर शांति और स्थिरता के लिए काम करना चाहिए। ओवैसी ने यह भी जोर दिया कि आतंकवाद और हिंसा का किसी धर्म से कोई संबंध नहीं है।
इस बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। कुछ नेताओं ने ओवैसी के बयान का समर्थन किया है, जबकि कुछ ने इसे विवादास्पद बताते हुए आलोचना की है।
रमजान के आखिरी जुमे पर बड़ी संख्या में लोग नमाज के लिए एकत्रित हुए थे, जहां सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए थे। इस दौरान ओवैसी का भाषण खास चर्चा का केंद्र बना रहा।
विशेषज्ञों का मानना है कि ओवैसी का यह बयान केवल धार्मिक मंच तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे अंतरराष्ट्रीय राजनीति और मुस्लिम देशों की स्थिति पर टिप्पणी भी छिपी हुई है।
कुल मिलाकर, Asaduddin Owaisi का यह बयान आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन सकता है, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक स्तर पर तनाव की स्थिति बनी हुई है।








