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  • INDIA गठबंधन की बैठक में 5 बड़े फैसले: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, वोटर सूची विवाद पर CJI को पत्र, हर दो महीने में होगी बैठक

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    विपक्षी दलों के INDIA गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को दिल्ली स्थित कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में आयोजित हुई, जिसमें देशभर के 25 राजनीतिक दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि गठबंधन ने पांच महत्वपूर्ण मुद्दों पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया है और आगामी राजनीतिक रणनीति को लेकर व्यापक चर्चा की गई।

    खरगे ने कहा कि INDIA गठबंधन लोकतंत्र, संविधान और जनहित के मुद्दों पर एकजुट होकर संघर्ष जारी रखेगा तथा अब हर दो महीने में गठबंधन की नियमित बैठक आयोजित की जाएगी।

    बैठक में चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। गठबंधन ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), मतदाता सूची में कथित हेरफेर और चुनावी पारदर्शिता से जुड़े मामलों को लेकर भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखने का निर्णय लिया।

    खरगे ने कहा कि करोड़ों मतदाताओं के मताधिकार को प्रभावित करने वाले मामलों पर न्यायपालिका का ध्यान आकर्षित करना आवश्यक है।

    बैठक में NEET और CBSE परीक्षाओं से जुड़े विवादों पर भी चर्चा हुई। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में गंभीर अनियमितताओं के कारण लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है।

    इसी संदर्भ में INDIA गठबंधन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। नेताओं का कहना था कि शिक्षा व्यवस्था में आई समस्याओं की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

    बैठक में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं और आर्थिक चुनौतियों पर भी चिंता व्यक्त की गई। गठबंधन ने केंद्र सरकार से मांग की कि इन महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा के लिए तत्काल सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए।

    नेताओं का कहना था कि देश की आर्थिक स्थिति और रोजगार के अवसरों को लेकर गंभीर विमर्श की आवश्यकता है।

    बैठक में यह भी तय किया गया कि INDIA गठबंधन की सभी पार्टियां नियमित रूप से हर दो महीने में बैठक करेंगी। अगली बैठक 8 अगस्त 2026 को हैदराबाद में आयोजित की जाएगी।

    खरगे ने कहा कि विपक्षी दलों के बीच बेहतर समन्वय और रणनीतिक सहयोग के लिए नियमित संवाद आवश्यक है।

    मानसून सत्र को देखते हुए गठबंधन ने संसद के भीतर भी संयुक्त रणनीति अपनाने का फैसला किया। निर्णय लिया गया कि संसद सत्र के दौरान विपक्षी दलों के बीच प्रतिदिन समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी ताकि महत्वपूर्ण मुद्दों पर एकजुट होकर सरकार को घेरा जा सके।

    बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, झारखंड मुक्ति मोर्चा, शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट), नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी, वाम दलों सहित कुल 25 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

    कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बताया कि कुछ नेता वर्चुअल माध्यम से भी बैठक में शामिल हुए और सभी प्रमुख निर्णयों पर सहमति व्यक्त की।

    बैठक के दौरान विपक्षी नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया, महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा व्यवस्था, किसानों की समस्याओं और विदेश नीति सहित कई मुद्दों पर केंद्र सरकार की आलोचना की।

    खरगे ने कहा कि विपक्ष लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाने के लिए एकजुट होकर काम करेगा तथा आने वाले समय में जनता के बीच इन मुद्दों को लेकर व्यापक अभियान चलाया जाएगा।

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