• Create News
  • ▶ Play Radio
  • कतर के बाद यूएई ने भी ईरान से की डील? 3 अरब डॉलर भेजने का दावा, दुबई-अबू धाबी पर हमले रुकने की अटकलें तेज

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं।

    मध्य पूर्व में जारी तनाव और युद्ध के बीच संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ईरान को लेकर एक बड़ा दावा सामने आया है। इजराइली मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, यूएई ने ईरान के साथ एक विशेष समझौता किया है, जिसके तहत तेहरान को लगभग 3 अरब डॉलर मूल्य की संपत्ति भेजी गई है। दावा किया जा रहा है कि इसके बदले ईरान ने युद्ध के दौरान दुबई और अबू धाबी जैसे प्रमुख शहरों पर हमला न करने का आश्वासन दिया है।

    हालांकि, ईरान ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने स्पष्ट कहा है कि तेहरान को इस तरह की कोई राशि या संपत्ति प्राप्त नहीं हुई है और दोनों देशों के बीच ऐसी किसी डील की जानकारी नहीं है।

    रिपोर्ट के अनुसार, कुछ दिन पहले हवाई मार्ग से यूएई से ईरान तक बड़ी मात्रा में संपत्ति पहुंचाई गई थी। हालांकि इसमें नकद राशि और अन्य संसाधनों का अनुपात क्या था, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह कदम क्षेत्रीय तनाव कम करने और कूटनीतिक प्रयासों को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया।

    यूएई पर पहले हो चुके हैं बड़े हमले

    यूएई सरकार के आंकड़ों के अनुसार, ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष के दौरान देश को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। यूएई का दावा है कि उस दौरान उसके ऊपर 2,000 से अधिक हमले किए गए थे। इनमें 2,265 ड्रोन हमले, 551 बैलिस्टिक मिसाइलें और 29 क्रूज मिसाइल हमले शामिल थे।

    इन हमलों में 13 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 230 से अधिक लोग घायल हुए थे। उस समय ईरान ने आरोप लगाया था कि यूएई इजराइल का समर्थन कर रहा है, इसलिए उसे निशाना बनाया गया।

    हालांकि, संघर्ष की मौजूदा लहर में यूएई के प्रमुख शहरों पर किसी बड़े हमले की खबर सामने नहीं आई है। यही वजह है कि कथित डील की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

    अब किन देशों को निशाना बना रहा है ईरान?

    रिपोर्टों के मुताबिक, वर्तमान समय में ईरान अपना ध्यान कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर केंद्रित कर रहा है। इन देशों में अमेरिकी उपस्थिति के कारण क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं।

    कतर के साथ भी सामने आया था ऐसा दावा

    यूएई से पहले कतर और ईरान के बीच भी इसी तरह की समझ का दावा किया गया था। रिपोर्टों में कहा गया था कि कतर ने ईरान की अरबों डॉलर की संपत्तियों को अनफ्रीज कराने में मदद का आश्वासन दिया था, जबकि बदले में ईरान ने कतर के रणनीतिक ठिकानों को निशाना न बनाने की बात कही थी।

    कतर लंबे समय से ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है। माना जा रहा है कि वह दोनों पक्षों के बीच किसी संभावित समझौते की दिशा में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

    आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

    फिलहाल यूएई और ईरान के बीच कथित 3 अरब डॉलर की डील को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जहां इजराइली मीडिया इस समझौते का दावा कर रहा है, वहीं ईरान ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है। ऐसे में इस पूरे मामले पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है और आगे आने वाले दिनों में स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।

  • Related Posts

    राजस्थान जालोर के छोटे से गांव से राष्ट्रीय तकनीकी ब्रांड तक का सफर, भंवर सुथार ने आस्थासॉफ्ट टेक्नोलॉजीज़ के माध्यम से रचा सफलता का नया इतिहास

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं। भारत के तेजी से विकसित हो रहे सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और वित्तीय प्रौद्योगिकी (FinTech) क्षेत्र में आस्थासॉफ्ट टेक्नोलॉजीज़ प्राइवेट लिमिटेड…

    Continue reading
    शरद पवार और सुप्रिया सुले ने की प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात, एनडीए में समर्थन की चर्चाओं के बीच सियासी हलचल तेज

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं। संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रमुख शरद…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *