राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के बिजली उपभोक्ताओं को जल्द ही महंगाई का एक और झटका लग सकता है। जानकारी के अनुसार जून 2026 से बिजली दरों में 1 प्रतिशत से 3.30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है। हालांकि यह बढ़ोतरी सभी उपभोक्ताओं पर समान रूप से लागू नहीं होगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 0 से 200 यूनिट तथा 200 से 400 यूनिट तक बिजली की खपत करने वाले उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद है। इस श्रेणी के उपभोक्ताओं के बिजली बिल पर प्रस्तावित बढ़ोतरी का कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा।
वहीं 500 यूनिट से अधिक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को बढ़ी हुई दरों का सीधा असर झेलना पड़ सकता है। ऐसे उपभोक्ताओं के जून माह के बिजली बिल में पहले की तुलना में अधिक राशि जुड़ सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती ऊर्जा लागत, बिजली खरीद की बढ़ी हुई कीमतें तथा वितरण कंपनियों पर बढ़ते वित्तीय दबाव के चलते यह वृद्धि प्रस्तावित की गई है। हालांकि अंतिम दरों का निर्धारण संबंधित नियामक प्रक्रियाओं के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
दिल्ली में बड़ी संख्या में ऐसे परिवार हैं जिनकी मासिक बिजली खपत 500 यूनिट से अधिक रहती है। एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य विद्युत उपकरणों के अधिक उपयोग के कारण गर्मियों के मौसम में बिजली खपत में भी उल्लेखनीय वृद्धि होती है। ऐसे उपभोक्ताओं को इस प्रस्तावित वृद्धि का सबसे अधिक प्रभाव झेलना पड़ सकता है।
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि यदि दरों में प्रस्तावित बढ़ोतरी लागू होती है तो उच्च खपत वाले उपभोक्ताओं को बिजली के उपयोग में अधिक सतर्कता बरतनी पड़ सकती है। साथ ही ऊर्जा बचत के उपाय अपनाने से बिजली बिल पर पड़ने वाले अतिरिक्त बोझ को कम किया जा सकता है।
फिलहाल आम उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि 400 यूनिट तक बिजली खर्च करने वाले अधिकांश घरेलू उपभोक्ता इस बढ़ोतरी से प्रभावित नहीं होंगे। हालांकि अंतिम निर्णय और नई दरों की अधिसूचना जारी होने के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट हो पाएगी।
दिल्ली के लाखों उपभोक्ता अब बिजली दरों को लेकर सरकार और बिजली वितरण कंपनियों की अगली घोषणा का इंतजार कर रहे हैं।








