• Create News
  • ▶ Play Radio
  • दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड, सड़क पर गुजारी रातें और 90 मिनट का कमाल… जानिए ईरान के गोलकीपर अलीरेज़ा बेइरानवंद की प्रेरक कहानी

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं।

    फीफा विश्व कप 2026 में ईरान के गोलकीपर अलीरेज़ा बेइरानवंद ने बेल्जियम जैसी मजबूत टीम के खिलाफ शानदार प्रदर्शन कर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। उन्होंने सात बेहतरीन बचाव (सेव) करते हुए ईरान को गोलरहित ड्रॉ दिलाया और ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का पुरस्कार अपने नाम किया।

    हालांकि बेइरानवंद की असली कहानी मैदान पर नहीं, बल्कि मैदान तक पहुंचने के संघर्ष में छिपी है।

    गरीबी से निकलकर बनाया विश्व स्तर पर नाम

    ईरान के लोरिस्तान प्रांत के एक बेहद गरीब खानाबदोश परिवार में जन्मे अलीरेज़ा बेइरानवंद का बचपन कठिनाइयों से भरा रहा। उनके पिता फुटबॉल खेलने के खिलाफ थे और परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि गोलकीपर के दस्ताने खरीदना भी एक सपना था।

    अपने सपनों को पूरा करने के लिए किशोरावस्था में उन्होंने घर छोड़ दिया और कुछ पैसों के सहारे तेहरान पहुंच गए।

    सड़क पर सोए, छोटे-मोटे काम कर गुजारा

    तेहरान पहुंचने के बाद उनके पास रहने की कोई जगह नहीं थी। कई महीनों तक उन्होंने फुटबॉल क्लबों के बाहर सड़क पर रातें बिताईं। जीविका चलाने के लिए उन्होंने सड़क साफ करने, कार वॉश में टायर धोने, कपड़ा फैक्ट्री में काम करने और पिज्जा दुकान में आटा गूंथने जैसे कई छोटे-मोटे काम किए।

    इन कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने फुटबॉल का सपना नहीं छोड़ा।

    दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड किए अपने नाम

    बचपन में पहाड़ी इलाकों में भेड़ों की सुरक्षा के लिए भारी पत्थर दूर तक फेंकने वाले स्थानीय खेल ‘दलपरान’ ने उनके कंधों और हाथों को असाधारण ताकत दी।

    इसी ताकत के दम पर उन्होंने फुटबॉल में दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए—

    • फुटबॉल इतिहास का सबसे लंबा थ्रो – 61.002 मीटर (200.14 फीट)
    • फुटबॉल इतिहास का सबसे लंबा ड्रॉप किक – 78.014 मीटर (255.95 फीट)

    आज भी ये दोनों रिकॉर्ड उनके नाम दर्ज हैं।

    बेल्जियम के खिलाफ दिखाया अद्भुत जज्बा

    विश्व कप 2026 के ग्रुप मुकाबले में दुनिया की शीर्ष टीमों में शामिल बेल्जियम के खिलाफ बेइरानवंद ने सात शानदार सेव किए और ईरान को महत्वपूर्ण एक अंक दिलाया।

    उनकी बेहतरीन गोलकीपिंग ने साबित कर दिया कि संघर्ष से निकला खिलाड़ी किसी भी बड़े मंच पर इतिहास रच सकता है।

    कठिन परिस्थितियों में खेल रही है ईरानी टीम

    ईरान की राष्ट्रीय टीम इस विश्व कप में केवल मैदान पर ही नहीं, बल्कि मैदान के बाहर भी कई चुनौतियों का सामना कर रही है। भू-राजनीतिक तनाव और वीजा संबंधी समस्याओं के कारण टीम अमेरिका में स्थायी बेस कैंप नहीं बना सकी और उसे मेक्सिको से लगातार यात्रा करनी पड़ रही है।

    हर मैच से पहले लंबी यात्रा, सीमित तैयारी और मानसिक दबाव के बावजूद ईरानी खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया है।

    नॉकआउट की उम्मीद बरकरार

    दो मैचों में दो अंक हासिल करने के बाद ईरान की टीम अभी भी नॉकआउट चरण में पहुंचने की दौड़ में बनी हुई है। अलीरेज़ा बेइरानवंद का संघर्ष, आत्मविश्वास और विश्व स्तरीय प्रदर्शन इस विश्व कप की सबसे प्रेरणादायक कहानियों में शामिल हो चुका है।

  • Related Posts

    नासिक विधान परिषद चुनाव में निर्दलीय गोकुल गीते की बड़ी जीत, जीत के बाद कार्यकर्ताओं से मांगी माफी; बोले- मैंने प्रचार रोक दिया था

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं। महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव के नासिक शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में निर्दलीय उम्मीदवार गोकुल गीते ने महायुति प्रत्याशी नरेंद्र दराडे को…

    Continue reading
    बिहार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, रातोरात 16 IAS अधिकारियों के तबादले; गोपालगंज, किशनगंज और बांका के DM बदले

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं। बिहार सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 16 अधिकारियों का तबादला और…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *