भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज और पूर्व कप्तान रोहित शर्मा को देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों में शामिल पद्मश्री से सम्मानित किया गया। मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित दूसरे सिविल इन्वेस्टिचर समारोह के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। इस खास अवसर पर उनकी पत्नी रितिका सजदेह भी मौजूद रहीं और इस ऐतिहासिक पल की साक्षी बनीं।
रोहित शर्मा को भारतीय क्रिकेट में उनके दो दशक लंबे शानदार योगदान, नेतृत्व क्षमता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का गौरव बढ़ाने के लिए यह सम्मान दिया गया है।
भारतीय क्रिकेट के लिए गौरव का क्षण
पद्मश्री सम्मान प्राप्त करने के साथ ही रोहित शर्मा भारतीय क्रिकेट के उन चुनिंदा खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए जिन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक से नवाजा गया है।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने भी इस अवसर का वीडियो साझा करते हुए रोहित शर्मा को बधाई दी और लिखा कि भारतीय क्रिकेट के एक महान खिलाड़ी को यह सम्मान मिलना पूरे देश के लिए गर्व की बात है।
सम्मान मिलने पर जताई खुशी
इस वर्ष पद्मश्री सम्मान की घोषणा होने के बाद रोहित शर्मा ने इसे अपने जीवन का बेहद खास क्षण बताया था।
उन्होंने कहा था कि यह सम्मान केवल उनका नहीं बल्कि उनके पूरे परिवार और उन सभी लोगों का है जिन्होंने उनके क्रिकेट सफर में हर कदम पर साथ दिया।
रोहित ने कहा था कि भारत सरकार द्वारा यह सम्मान मिलना उनके लिए गर्व और जिम्मेदारी दोनों है। उन्होंने यह भी कहा कि देश के लिए मैच जीतना और ट्रॉफियां दिलाना ही आगे भी उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता रहेगी।
कप्तानी में भारत ने जीते दो बड़े ICC खिताब
रोहित शर्मा की कप्तानी भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल दौरों में गिनी जाती है।
उनके नेतृत्व में भारत ने टी20 विश्व कप 2024 का खिताब जीतकर लंबे समय से चले आ रहे आईसीसी ट्रॉफी के सूखे को खत्म किया। इसके बाद चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भी भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया।
इन दो बड़ी उपलब्धियों ने रोहित शर्मा को भारत के सबसे सफल सीमित ओवरों के कप्तानों में शामिल कर दिया।
बल्लेबाज के रूप में भी बनाया इतिहास
रोहित शर्मा का अंतरराष्ट्रीय करियर लगभग दो दशकों तक फैला हुआ है। उन्होंने तीनों प्रारूपों में कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं।
टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 67 मुकाबलों में 4,300 से अधिक रन बनाए, जिसमें 12 शतक शामिल हैं।
वनडे क्रिकेट में उनके नाम 282 मैचों में 11,500 से अधिक रन और 33 शतक दर्ज हैं। सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनकी सबसे बड़ी पहचान उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी और बड़ी पारियां खेलने की क्षमता रही है।
टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी उन्होंने 4,200 से अधिक रन बनाए और पांच शतक लगाए, जिससे वह इस प्रारूप के सबसे सफल बल्लेबाजों में शामिल हैं।
टेस्ट और टी20 से संन्यास, लेकिन वनडे में जारी रहेगा सफर
रोहित शर्मा अब टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं, लेकिन वनडे क्रिकेट में वह अभी भी भारतीय टीम का अहम हिस्सा बने हुए हैं।
उनका अगला बड़ा लक्ष्य आईसीसी वनडे विश्व कप 2027 है, जहां वह भारत को एक और विश्व खिताब दिलाने का सपना पूरा करना चाहते हैं।
समारोह में अन्य खिलाड़ियों को भी मिला सम्मान
राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस समारोह में रोहित शर्मा के अलावा पूर्व भारतीय टेनिस खिलाड़ी विजय अमृतराज को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। वहीं भारतीय महिला हॉकी टीम की अनुभवी गोलकीपर सविता पुनिया को भी पद्मश्री प्रदान किया गया।
संघर्ष, नेतृत्व और सफलता की मिसाल
2007 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले रोहित शर्मा ने अपने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन मेहनत, धैर्य और शानदार प्रदर्शन के दम पर वह भारतीय क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल हुए।
पद्मश्री सम्मान उनके लंबे और सफल क्रिकेट सफर की एक और बड़ी उपलब्धि है। यह सम्मान केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता का प्रतीक नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट में उनके अमूल्य योगदान और देश के प्रति समर्पण की भी पहचान है।








