पद्म पुरस्कार समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कथित तौर पर नजरअंदाज करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वरिष्ठ अभिनेता एवं पद्म श्री सम्मान से सम्मानित अनिल कुमार रस्तोगी ने पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। 83 वर्षीय रस्तोगी ने स्पष्ट किया कि यह किसी प्रकार का जानबूझकर किया गया व्यवहार नहीं था, बल्कि उनकी उम्र के कारण हुई एक अनजानी चूक थी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति उनके मन में गहरा सम्मान है और सोशल मीडिया पर वायरल हो रही गलत व्याख्याओं से उन्हें दुख पहुंचा है।
वायरल वीडियो से शुरू हुआ विवाद
राष्ट्रपति भवन में आयोजित पद्म पुरस्कार समारोह के दौरान अनिल कुमार रस्तोगी सम्मान ग्रहण करने के लिए मंच की ओर बढ़ रहे थे। इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे हाथ मिलाने के लिए अपना हाथ आगे बढ़ाया।
हालांकि रस्तोगी उस ओर ध्यान नहीं दे पाए और सीधे आगे बढ़ गए। समारोह का यह छोटा-सा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद कई लोगों ने इसे प्रधानमंत्री की अनदेखी या जानबूझकर किया गया व्यवहार बताना शुरू कर दिया।
सोशल मीडिया पर दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद अनिल कुमार रस्तोगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की।
उन्होंने लिखा कि वह 80 वर्ष से अधिक आयु के हैं और यह पूरी तरह उम्र के कारण हुई अनजानी चूक थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति उनके मन में अत्यंत सम्मान है और उनका मानना है कि देश का नेतृत्व करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी सबसे उपयुक्त व्यक्ति हैं।
उन्होंने उन लोगों से भी अपील की जो इस घटना का मजाक बना रहे हैं कि वे इसे गलत तरीके से प्रस्तुत न करें।
विज्ञान और कला दोनों क्षेत्रों में बनाया मुकाम
अनिल कुमार रस्तोगी केवल एक अभिनेता ही नहीं बल्कि एक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक भी रहे हैं।
उन्होंने लखनऊ स्थित केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान (CDRI) में जैव रसायन (बायोकैमिस्ट्री) विभाग के प्रमुख के रूप में अपनी सेवाएं दीं। वैज्ञानिक जीवन के साथ-साथ उन्होंने रंगमंच और सिनेमा में भी समान रूप से उल्लेखनीय योगदान दिया।
विज्ञान और कला दोनों क्षेत्रों में उनकी उपलब्धियों को देशभर में सराहा जाता रहा है।
75 से अधिक फिल्मों में निभाए यादगार किरदार
अनिल कुमार रस्तोगी का अभिनय करियर कई दशकों तक फैला हुआ है। उन्होंने 75 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया है, जिनमें इश्कजादे, मुल्क, रेड और थप्पड़ जैसी चर्चित फिल्में शामिल हैं।
इसके अलावा वह 14 वेब सीरीज और लगभग 500 टेलीविजन एपिसोड का भी हिस्सा रह चुके हैं।
रंगमंच के क्षेत्र में भी उनका योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने 99 नाटकों में अभिनय किया और करीब 1000 मंच प्रस्तुतियों के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई।
कई प्रतिष्ठित सम्मानों से हो चुके हैं सम्मानित
अनिल कुमार रस्तोगी को कला और संस्कृति के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए कई बड़े सम्मान मिल चुके हैं।
उन्हें वर्ष 2017 में यश भारती सम्मान, 2023 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, 2024 में पाटलिपुत्र लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड, 2026 में अभ्युदय इंटरनेशनल शलाका सम्मान तथा कालिदास सम्मान जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है।
अब पद्म श्री सम्मान उनके लंबे और बहुआयामी योगदान की राष्ट्रीय स्तर पर मिली बड़ी पहचान माना जा रहा है।
पद्म श्री सम्मान बना गौरव का क्षण
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों पद्म श्री प्राप्त करना अनिल कुमार रस्तोगी के लिए उनके लंबे सार्वजनिक जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा। हालांकि समारोह का एक छोटा-सा वीडियो विवाद का कारण बन गया, लेकिन उनकी सफाई के बाद यह स्पष्ट हो गया कि पूरा घटनाक्रम केवल एक अनजाने क्षण का परिणाम था।
अनिल कुमार रस्तोगी ने कहा कि उनके लिए पद्म श्री सम्मान जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है और वह इसे पूरे सम्मान एवं विनम्रता के साथ स्वीकार करते हैं।








