तमिलनाडु की राजनीति में मुख्यमंत्री विजय और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के बीच सियासी टकराव एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। विधानसभा में मुख्यमंत्री विजय की एक टिप्पणी के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है और डीएमके नेताओं ने पार्टी प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की विधानसभा में वापसी के संकेत दिए हैं।
विजय की टिप्पणी के बाद बढ़ी राजनीतिक चर्चा
विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री विजय ने एक प्रसंग सुनाते हुए “आपके पिता कहां हैं?” जैसी टिप्पणी की। राजनीतिक हलकों में इसे विपक्ष के नेता उद्धयनिधि स्टालिन और पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की अनुपस्थिति से जोड़कर देखा गया।
इस बयान के बाद डीएमके नेताओं ने इसे राजनीतिक मुद्दा बना लिया और पार्टी के भीतर स्टालिन की विधानसभा में वापसी की मांग तेज होती दिखाई दी।
डीएमके नेता ने दिए वापसी के संकेत
डीएमके के वरिष्ठ नेता और विधायक के.एन. नेहरू ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा कि पार्टी प्रमुख एमके स्टालिन बहुत जल्द विधानसभा में लौटेंगे।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की टिप्पणी के बाद पूरे तमिलनाडु में पार्टी कार्यकर्ता चाहते हैं कि एमके स्टालिन फिर से सदन में सक्रिय भूमिका निभाएं। हालांकि उन्होंने संभावित उपचुनाव या सीट को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी।
2026 चुनाव में मिली थी हार
एमके स्टालिन ने 2026 के विधानसभा चुनाव में कोलाथुर सीट से चुनाव लड़ा था, जहां उन्हें टीवीके उम्मीदवार के हाथों हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद से वे विधानसभा के सदस्य नहीं हैं।
वर्तमान में उनके पुत्र उद्धयनिधि स्टालिन विधानसभा में विपक्ष के नेता की भूमिका निभा रहे हैं।
उपचुनावों पर टिकी नजर
तमिलनाडु में इस समय कई विधानसभा सीटें रिक्त हैं, जिन पर जल्द उपचुनाव होने की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि एमके स्टालिन विधानसभा में वापसी करना चाहते हैं तो यह उनके लिए अवसर साबित हो सकता है।
हालांकि डीएमके की ओर से अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
सहयोगी दल ने भी जताई नाराजगी
मुख्यमंत्री विजय की टिप्पणी पर उनके सहयोगी दल के कुछ नेताओं ने भी असहमति जताई है। एक सहयोगी दल के वरिष्ठ नेता ने कहा कि व्यक्तिगत टिप्पणियों से बचना चाहिए और विधानसभा की गरिमा बनाए रखना सभी जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है।
राजनीतिक बयानबाजी हुई तेज
विधानसभा की इस घटना के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। दोनों दल एक-दूसरे पर राजनीतिक मर्यादा का पालन न करने के आरोप लगा रहे हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी उपचुनाव तमिलनाडु की राजनीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। वहीं, एमके स्टालिन की संभावित वापसी को लेकर भी चर्चाएं लगातार तेज हो रही हैं।








