भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली को दुनिया के सबसे फिट क्रिकेटरों में गिना जाता है। 38 वर्ष की उम्र में भी उनकी फिटनेस और मैदान पर ऊर्जा युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करती है। लेकिन अब उनकी फिटनेस को लेकर भारतीय फुटबॉल कोच रणजीत बजाज का एक बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।
रणजीत बजाज ने दावा किया है कि उनकी फुटबॉल अकादमी के अंडर-13 खिलाड़ी भी विराट कोहली से बेहतर Yo-Yo टेस्ट स्कोर हासिल कर सकते हैं। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है।
रणजीत बजाज ने क्या कहा?
एक पॉडकास्ट के दौरान विराट कोहली की फिटनेस पर चर्चा हो रही थी। इसी दौरान मिनर्वा अकादमी के डायरेक्टर रणजीत बजाज ने कहा,
“मेरे सभी अंडर-13 खिलाड़ी विराट कोहली से बेहतर Yo-Yo टेस्ट स्कोर करते हैं। मैं इसे खुलेआम चैलेंज कर रहा हूं। मेरे अंडर-15 के खिलाड़ी विराट कोहली को बहुत आसानी से पीछे कर सकते हैं।”
उनका यह बयान सामने आने के बाद क्रिकेट और फुटबॉल दोनों खेलों के प्रशंसकों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।
कितना है विराट कोहली का Yo-Yo टेस्ट स्कोर?
रिपोर्ट्स के मुताबिक विराट कोहली का Yo-Yo टेस्ट स्कोर 21.6 है, जिसे उन्होंने 36 वर्ष की उम्र में हासिल किया था।
दिलचस्प बात यह है कि 2018-19 के दौरान उनका स्कोर लगभग 19 के आसपास था, लेकिन बढ़ती उम्र के बावजूद उन्होंने अपनी फिटनेस में लगातार सुधार किया है।
यही वजह है कि विराट कोहली को भारतीय खेल जगत में फिटनेस का सबसे बड़ा आइकन माना जाता है।
फुटबॉल और क्रिकेट की फिटनेस में है अंतर
विशेषज्ञों का मानना है कि रणजीत बजाज का बयान पूरी तरह गलत नहीं कहा जा सकता, क्योंकि फुटबॉल और क्रिकेट दोनों खेलों की शारीरिक मांग अलग-अलग होती है।
फुटबॉल एक हाई-इंटेंसिटी गेम है, जिसमें खिलाड़ियों को पूरे मैच के दौरान लगातार दौड़ना पड़ता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के फुटबॉल खिलाड़ियों का Yo-Yo टेस्ट स्कोर अक्सर 21 से 23 के बीच होता है।
वहीं क्रिकेट अपेक्षाकृत अलग प्रकृति का खेल है, जहां लंबी अवधि तक खेलना होता है और लगातार उच्च गति से दौड़ना आवश्यक नहीं होता।
सोशल मीडिया पर ट्रोल हुए रणजीत बजाज
रणजीत बजाज के बयान के बाद विराट कोहली के प्रशंसकों ने उन्हें सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल किया।
कई लोगों का कहना है कि 38 साल के खिलाड़ी की तुलना 13 या 15 साल के बच्चों से करना उचित नहीं है। वहीं कुछ लोगों ने यह भी कहा कि अलग-अलग खेलों की फिटनेस को एक पैमाने पर नहीं आंका जा सकता।
हालांकि रणजीत बजाज का कहना था कि उनका उद्देश्य केवल फुटबॉल खिलाड़ियों की फिटनेस का स्तर बताना था।
कौन हैं रणजीत बजाज?
रणजीत बजाज भारतीय फुटबॉल के जाने-माने कोच और ग्रासरूट फुटबॉल डेवलपमेंट से जुड़े प्रमुख नामों में शामिल हैं।
वह मिनर्वा अकादमी के डायरेक्टर हैं, जिसकी स्थापना 1955 में हुई थी। इस अकादमी से अब तक 250 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी निकल चुके हैं।
मिनर्वा अकादमी की टीमें 60 से ज्यादा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिताब जीत चुकी हैं। उनकी टीम ने प्रतिष्ठित Gothia Cup में शानदार प्रदर्शन किया था और लिवरपूल जैसी मशहूर टीम को भी हराने का रिकॉर्ड बनाया था।
रणजीत बजाज स्वयं भारत की अंडर-19 फुटबॉल टीम का हिस्सा रह चुके हैं। इसके अलावा वह लोकप्रिय रियलिटी शो रोडीज़ सीजन-1 में भी प्रतिभागी के रूप में नजर आ चुके हैं।
फिलहाल उनके बयान ने खेल जगत में फिटनेस को लेकर नई बहस छेड़ दी है। कुछ लोग इसे फुटबॉल खिलाड़ियों की श्रेष्ठ फिटनेस का उदाहरण मान रहे हैं, तो कई लोग इसे विराट कोहली की उपलब्धियों को कमतर आंकने की कोशिश बता रहे हैं।








