गौतम अडानी की प्रमुख कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) ने एक बार फिर निवेशकों का भरोसा जीत लिया है। कंपनी के क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) को उम्मीद से कहीं ज्यादा प्रतिक्रिया मिली, जिसके बाद कंपनी ने इश्यू का आकार 10,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 15,000 करोड़ रुपये कर दिया।
जानकारी के अनुसार, इस शेयर बिक्री को करीब 38,000 करोड़ रुपये की बोलियां मिलीं, यानी यह इश्यू अपने मूल आकार से लगभग 3.8 गुना ओवरसब्सक्राइब हुआ।
वैश्विक और घरेलू निवेशकों ने दिखाया भरोसा
इस QIP में दुनिया की कई बड़ी निवेश संस्थाओं ने हिस्सा लिया। प्रमुख वैश्विक निवेशकों में शामिल हैं—
- कैपिटल ग्रुप
- गोल्डमैन सैक्स
- ब्लैकरॉक
- ब्लैकस्टोन
- नोमुरा
वहीं घरेलू निवेशकों में भी कई बड़े म्यूचुअल फंड्स ने निवेश किया, जिनमें—
- एचडीएफसी म्यूचुअल फंड
- आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड
- कोटक म्यूचुअल फंड
- आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड
- एसबीआई म्यूचुअल फंड
- टाटा म्यूचुअल फंड
शामिल रहे।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी कानूनी मामलों के बावजूद निवेशकों का यह भरोसा अडानी समूह की मजबूत कारोबारी क्षमता को दर्शाता है।
एक साल में दूसरी बड़ी फंडिंग
यह पिछले एक वर्ष में अडानी एंटरप्राइजेज द्वारा की गई दूसरी बड़ी इक्विटी फंड जुटाने की कवायद है।
इससे पहले कंपनी ने 2025 में 25,000 करोड़ रुपये का राइट्स इश्यू सफलतापूर्वक पूरा किया था।
कहां होगा जुटाए गए फंड का इस्तेमाल?
कंपनी इस फंड का उपयोग अपने विभिन्न इंफ्रास्ट्रक्चर और उभरते व्यवसायों में पूंजीगत निवेश (Capital Expenditure) के लिए करेगी।
मुख्य योजनाओं में शामिल हैं—
- पीवीसी (Polyvinyl Chloride) प्लांट का निर्माण
- सड़क परियोजनाओं के लिए कंसेशन फीस का भुगतान
- नए इनक्यूबेशन बिजनेस का विस्तार
- सोलर और ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स
- एयरपोर्ट कारोबार
- कॉपर बिजनेस
- कर्ज कम करना और ऋण चुकाना
- रणनीतिक अधिग्रहण एवं निवेश
कई क्षेत्रों में सक्रिय है अडानी एंटरप्राइजेज
अडानी एंटरप्राइजेज समूह की प्रमुख बिजनेस इनक्यूबेटर कंपनी है, जो कई नए क्षेत्रों में निवेश और विस्तार कर रही है।
कंपनी के प्रमुख कारोबारों में शामिल हैं—
- एयरपोर्ट मैनेजमेंट
- सोलर मैन्युफैक्चरिंग
- सड़क एवं रेल इंफ्रास्ट्रक्चर
- डेटा सेंटर
- रक्षा एवं एयरोस्पेस
- ग्रीन हाइड्रोजन
- माइनिंग सर्विसेज
कितने शेयर हुए जारी?
कंपनी ने इस QIP के तहत 34.7 मिलियन शेयर संस्थागत निवेशकों को जारी किए।
शेयरों की अनुमानित कीमत 2,883 रुपये प्रति शेयर रखी गई, जो गुरुवार के बंद भाव 3,177.50 रुपये से करीब 9.27 प्रतिशत कम थी। यह मूल्य सेबी द्वारा तय फ्लोर प्राइस 3,034.68 रुपये से लगभग 5 प्रतिशत कम था।
शेयर में हल्की गिरावट
शुक्रवार सुबह कारोबार के दौरान बीएसई पर अडानी एंटरप्राइजेज का शेयर करीब 1 प्रतिशत गिरकर 3,150.55 रुपये पर कारोबार करता दिखाई दिया।
इस QIP के लिए जेफरीज फाइनेंशियल ग्रुप, एसबीआई कैपिटल मार्केट्स, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज और आईआईएफएल कैपिटल सर्विसेज को बुक-रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया गया है।
विश्लेषकों का मानना है कि QIP को मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया से साफ है कि बड़े संस्थागत निवेशकों का भरोसा अडानी समूह की दीर्घकालिक विकास योजनाओं पर अभी भी मजबूत बना हुआ है।








