हाई-प्रोफाइल केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस के हाथ एक नया कथित डिजिटल सुराग लगा है। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसकी एक सहेली के बीच हुई बताई जा रही Snapchat चैट का एक स्क्रीनशॉट सामने आया है। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस चैट की प्रामाणिकता की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और इसकी फोरेंसिक जांच जारी है।
सूत्रों के मुताबिक, यह कथित बातचीत 24 से 26 मई के बीच की बताई जा रही है। वायरल स्क्रीनशॉट में सिया अपनी सहेली से फ्लाइट टिकट बुक करने के लिए आधार कार्ड की कॉपी मांगती दिखाई देती है। इसी दौरान कथित रूप से उसने लिखा कि यह टिकट “उस शादी के लिए है जो कभी होने ही नहीं वाली”। सहेली की ओर से जवाब में आधार कार्ड व्हाट्सऐप पर भेजने की बात कही गई है।
इसी संदेश ने जांच एजेंसियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या शादी की तैयारियां और फ्लाइट टिकट बुकिंग केवल एक औपचारिकता थी या फिर इसके पीछे किसी बड़ी साजिश को छिपाने की योजना बनाई गई थी।
जांच अधिकारियों के अनुसार, इस चैट के आधार पर यह भी पड़ताल की जा रही है कि कहीं शादी का पूरा घटनाक्रम केवल लोगों और मृतक केतन अग्रवाल को भ्रमित करने तथा बाद में जांच को दूसरी दिशा में मोड़ने की रणनीति का हिस्सा तो नहीं था।
पुलिस डिजिटल फोरेंसिक विशेषज्ञों और साइबर टीम की मदद से चैट के स्रोत, डिजिटल फुटप्रिंट और तकनीकी प्रमाणों की जांच कर रही है। यदि यह चैट वास्तविक पाई जाती है, तो यह जांच में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकती है।
हालांकि, वरिष्ठ अधिकारियों ने साफ किया है कि फिलहाल इस वायरल चैट को अंतिम या निर्णायक सबूत नहीं माना जा सकता। इसकी सत्यता की पुष्टि और हत्या से प्रत्यक्ष संबंध स्थापित होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच वैज्ञानिक और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार जारी है तथा सभी डिजिटल और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों का सावधानीपूर्वक विश्लेषण किया जा रहा है। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक वायरल दावों को अंतिम सत्य मानना उचित नहीं होगा।








