फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ-16 मुकाबले में अर्जेंटीना ने मिस्र को 3-2 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली, लेकिन मैच का सबसे बड़ा विषय अर्जेंटीना की जीत नहीं बल्कि रेफरी और VAR के विवादित फैसले बन गए। मुकाबले के बाद मिस्र की टीम, फुटबॉल विशेषज्ञों और सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में प्रशंसकों ने मैच अधिकारियों के फैसलों पर सवाल उठाए।
मैच के दौरान कई ऐसे मौके आए, जिन्हें लेकर विवाद खड़ा हो गया। पहले हाफ में मिस्र के विंगर इमाम अशूर पर अर्जेंटीना के डिफेंडर नाहुएल मोलिना की चुनौती को लेकर फाउल की मांग उठी, लेकिन रेफरी ने खेल जारी रखा। इसके बाद दूसरे हाफ में मिस्र के स्टार खिलाड़ी मोहम्मद सलाह अर्जेंटीना के पेनल्टी बॉक्स में चुनौती के बाद गिर पड़े, लेकिन VAR समीक्षा के बावजूद पेनल्टी नहीं दी गई।
टीवी रिप्ले में यह भी दिखाई दिया कि अर्जेंटीना के डिफेंडर निकोलस टैग्लियाफिको का संपर्क सलाह के पैर से हुआ था। इसके बावजूद पेनल्टी नहीं मिलने से मिस्र के खिलाड़ी और समर्थक नाराज नजर आए। सोशल मीडिया पर कई पूर्व खिलाड़ियों और फुटबॉल विश्लेषकों ने भी इन फैसलों पर सवाल उठाते हुए मैच अधिकारियों की आलोचना की।
विवाद केवल पेनल्टी तक सीमित नहीं रहा। दूसरे हाफ में मिस्र का एक गोल भी VAR समीक्षा के बाद रद्द कर दिया गया, जिससे मैच का रुख पूरी तरह बदल गया। इन फैसलों के बाद मिस्र के मुख्य कोच होसाम हसन और खिलाड़ी मोस्तफा ज़िको ने भी खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की।
मैच की बात करें तो मिस्र ने शानदार शुरुआत करते हुए यासेर इब्राहिम और मोस्तफा ज़िको के गोल की बदौलत 2-0 की बढ़त बना ली थी। ऐसा लग रहा था कि मौजूदा विश्व चैंपियन अर्जेंटीना टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगी, लेकिन अंतिम मिनटों में टीम ने जबरदस्त वापसी की।
79वें मिनट में क्रिस्टियन रोमेरो ने लियोनेल मेसी के सटीक क्रॉस पर हेडर लगाकर पहला गोल किया। इसके चार मिनट बाद मेसी ने शानदार वॉली के जरिए बराबरी का गोल दाग दिया। अतिरिक्त समय में एंजो फर्नांडीज ने विजयी गोल कर अर्जेंटीना को 3-2 की यादगार जीत दिला दी।
हालांकि अर्जेंटीना ने शानदार वापसी कर क्वार्टर फाइनल का टिकट हासिल कर लिया, लेकिन मैच के दौरान हुए विवादित फैसलों ने पूरे फुटबॉल जगत में नई बहस छेड़ दी है। कई प्रशंसकों का मानना है कि ऐसे अहम मुकाबलों में VAR और रेफरी के फैसलों की पारदर्शिता और सटीकता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।








