भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को जोरदार शुरुआत करते हुए निवेशकों को बड़ी राहत दी। आईटी कंपनियों के मजबूत प्रदर्शन और वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के चलते सेंसेक्स 780 अंकों से अधिक और निफ्टी 225 अंकों तक उछल गया। बाजार खुलने के महज दो मिनट के भीतर ही निवेशकों की संपत्ति में ₹4.59 लाख करोड़ का इजाफा दर्ज किया गया।
सेंसेक्स और निफ्टी में शानदार बढ़त
शुक्रवार सुबह कारोबार शुरू होते ही बीएसई सेंसेक्स करीब 785 अंकों की बढ़त के साथ 77,526.85 के स्तर तक पहुंच गया। वहीं सुबह 9:30 बजे यह लगभग 77,448.69 अंक पर कारोबार करता दिखाई दिया।
दूसरी ओर एनएसई निफ्टी भी शुरुआती कारोबार में 225 अंकों से अधिक की तेजी के साथ 24,187.90 के उच्च स्तर तक पहुंचा, जबकि सुबह 9:30 बजे यह 24,169.80 अंक पर कारोबार कर रहा था।
आईटी शेयरों में खरीदारी बनी तेजी की बड़ी वजह
शेयर बाजार की तेजी में सबसे बड़ा योगदान आईटी सेक्टर का रहा। टीसीएस, इंफोसिस, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा के शेयरों में 2 से 3 प्रतिशत तक की तेजी देखने को मिली। वहीं देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में भी करीब 1.5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
हालांकि भारती एयरटेल के शेयरों में एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट रही, जबकि सन फार्मा और इटरनल जैसे कुछ शेयर मामूली दबाव में रहे।
बाजार में तेजी के प्रमुख कारण
टीसीएस के मजबूत तिमाही नतीजे:
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में ₹13,349 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 5 प्रतिशत अधिक है। कंपनी की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जिससे पूरे आईटी सेक्टर में निवेशकों का भरोसा बढ़ा।
वैश्विक बाजारों से सकारात्मक संकेत:
एशियाई बाजारों में मजबूत बढ़त देखने को मिली। दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई, हांगकांग का हैंग सेंग और चीन का शंघाई कंपोजिट सकारात्मक बढ़त के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। अमेरिकी नैस्डैक और यूरोपीय बाजारों की मजबूती का भी भारतीय बाजार पर सकारात्मक असर पड़ा।
भू-राजनीतिक तनाव का सीमित असर:
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव तथा मध्य-पूर्व की परिस्थितियों के बावजूद वैश्विक निवेशकों का भरोसा बाजार में बना रहा, जिससे निवेश धारणा मजबूत रही।
कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता:
ब्रेंट क्रूड लगभग 76 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई करीब 72 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता रहा, जिससे निवेशकों की चिंता कुछ कम हुई।
विदेशी निवेशकों का सकारात्मक रुख:
हालांकि गुरुवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने सीमित बिकवाली की, लेकिन जुलाई के शुरुआती दिनों में उन्होंने भारतीय बाजार में हजारों करोड़ रुपये का निवेश किया है, जिससे दीर्घकालिक निवेश धारणा मजबूत बनी हुई है।
निवेशकों की संपत्ति में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
बीएसई के आंकड़ों के अनुसार, बाजार खुलने से पहले सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹475.94 लाख करोड़ था, जो शुरुआती कारोबार के दौरान बढ़कर ₹480.53 लाख करोड़ पहुंच गया। यानी केवल दो मिनट के भीतर निवेशकों की कुल संपत्ति में ₹4.59 लाख करोड़ का इजाफा दर्ज किया गया।
आगे क्या रहेगी बाजार की दिशा?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आईटी सेक्टर का प्रदर्शन मजबूत बना रहता है, वैश्विक बाजारों से सकारात्मक संकेत मिलते रहते हैं और विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है, तो आने वाले कारोबारी सत्रों में भारतीय शेयर बाजार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ सकता है। हालांकि निवेशकों को वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।








