राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित नीरजा मोदी स्कूल की कक्षा 4 की छात्रा अमायरा की मौत के मामले में सामने आए नए CCTV फुटेज ने पूरे घटनाक्रम पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब नौ महीने पुराने इस मामले में सामने आए वीडियो के आधार पर दावा किया जा रहा है कि छात्रा लगातार परेशान थी और उसने कई बार अपनी क्लास टीचर से मदद मांगने की कोशिश की, लेकिन उसकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया।
बताया गया है कि घटना वाले दिन अमायरा सामान्य रूप से स्कूल पहुंची, अपनी सहेली से मिली और डांस क्लास में भी सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। बाद में जब वह अपनी कक्षा में लौटी तो कुछ छात्र एक डिजिटल स्लेट देख रहे थे। आरोप है कि वही स्लेट बार-बार अमायरा को दिखाई गई, जिसके बाद उसके व्यवहार में अचानक बदलाव देखने को मिला।
कई बार टीचर से की मदद की कोशिश
CCTV फुटेज के अनुसार अमायरा लगभग एक घंटे के दौरान कई बार अपनी क्लास टीचर के पास गई और अपनी परेशानी बताने का प्रयास किया। परिवार का आरोप है कि हर बार किसी अन्य छात्र के हस्तक्षेप के बाद टीचर का ध्यान दूसरी ओर चला गया और अमायरा की शिकायत को नजरअंदाज कर दिया गया।
वीडियो में अमायरा को हाथ जोड़ते हुए, मुंह और सिर पकड़ते हुए तथा बेहद असहाय स्थिति में देखा गया है। परिवार का कहना है कि वह मानसिक रूप से बेहद तनाव में थी, लेकिन उसे अलग से सुनने या समझने का प्रयास नहीं किया गया।
अकेले चौथी मंजिल तक पहुंची छात्रा
फुटेज में आगे दिखाई देता है कि अमायरा अकेले कक्षा से बाहर निकलती है और स्कूल की सीढ़ियों से चौथी मंजिल तक पहुंच जाती है। इस दौरान कोई भी स्कूल कर्मचारी उसे रोकता या उसके पीछे जाता दिखाई नहीं देता।
1 नवंबर को चौथी मंजिल से करीब 48 फीट नीचे गिरने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
CBSE रिपोर्ट में भी बुलिंग की पुष्टि
घटना के बाद केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा गठित दो सदस्यीय जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में कई गंभीर टिप्पणियां की थीं। रिपोर्ट के अनुसार अमायरा पिछले 18 महीनों से स्कूल में बुलिंग का शिकार हो रही थी और कई बार उसके तथा उसके माता-पिता द्वारा की गई शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि एक अवसर पर अमायरा के पिता ने एक छात्र द्वारा परेशान किए जाने की शिकायत की थी, लेकिन क्लास टीचर ने कथित तौर पर कहा कि छात्रा को अन्य बच्चों के साथ “एडजस्ट” करना सीखना चाहिए।
परिवार ने की सख्त कार्रवाई की मांग
अमायरा के परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं। परिवार ने मांग की है कि जुवेनाइल जस्टिस (JJ) एक्ट के तहत केवल क्लास टीचर ही नहीं, बल्कि स्कूल के प्रिंसिपल और चेयरमैन के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाए।
परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते छात्रा की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाता और स्कूल में सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होती, तो इस दुखद घटना को रोका जा सकता था।
स्कूल सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
CBSE जांच समिति ने यह भी पाया कि अमायरा का कक्षा कक्ष भूतल पर होने के बावजूद वह बिना किसी निगरानी के चौथी मंजिल तक पहुंच गई। इससे स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था और छात्रों की निगरानी प्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े हुए हैं।
यह मामला अब केवल एक छात्रा की मौत तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि स्कूलों में बुलिंग, मानसिक स्वास्थ्य, छात्र सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी व्यापक बहस का विषय बन गया है।








