राजेश चौधरी | जयपुर | समाचार वाणी न्यूज़
राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने भारत के प्रथम निजी रूप से विकसित ऑर्बिटल प्रक्षेपण यान ‘विक्रम-1’ के सफल प्रक्षेपण पर देशवासियों, भारतीय वैज्ञानिकों तथा Skyroot Aerospace की पूरी टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने इस ऐतिहासिक उपलब्धि को भारत की वैज्ञानिक क्षमता, तकनीकी आत्मनिर्भरता और अंतरिक्ष क्षेत्र में बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रतीक बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘विक्रम-1’ का सफल प्रक्षेपण भारत के अंतरिक्ष इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय है। यह उपलब्धि न केवल देश की वैज्ञानिक प्रगति और नवाचार की शक्ति को दर्शाती है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी नई मजबूती प्रदान करती है। यह प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।
उन्होंने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में अंतरिक्ष क्षेत्र में किए गए व्यापक सुधारों ने निजी क्षेत्र के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं। सरकार की दूरदर्शी नीतियों के कारण आज भारतीय निजी कंपनियाँ वैश्विक स्तर पर अपनी तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन कर रही हैं और देश को अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों तक पहुँचा रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि यह सफलता भारतीय वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, तकनीकी विशेषज्ञों और युवा नवप्रवर्तकों की प्रतिभा, अथक परिश्रम तथा दृढ़ संकल्प का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम आज केवल सरकारी संस्थानों तक सीमित नहीं है, बल्कि निजी क्षेत्र की भागीदारी से देश नवाचार और अनुसंधान के नए युग में प्रवेश कर चुका है।
उन्होंने कहा कि ‘विक्रम-1’ का सफल प्रक्षेपण यह सिद्ध करता है कि भारत अब अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विश्व की अग्रणी शक्तियों में अपनी मजबूत पहचान स्थापित कर रहा है। यह उपलब्धि देश के युवाओं को विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने की नई प्रेरणा देगी।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में भारत अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, उपग्रह प्रक्षेपण, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में और भी बड़ी सफलताएँ हासिल करेगा तथा वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने इस ऐतिहासिक सफलता के लिए Skyroot Aerospace की संपूर्ण टीम को विशेष रूप से बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि भारत की बढ़ती वैज्ञानिक क्षमता, आत्मनिर्भरता और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भारत का अंतरिक्ष अभियान केवल वैज्ञानिक उपलब्धि नहीं, बल्कि देश के आत्मविश्वास, नवाचार और विकास की नई उड़ान का प्रतीक है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में निरंतर नई ऊँचाइयों को प्राप्त करता रहेगा और विश्व पटल पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराता रहेगा।








