
वर्तमान में संस्था के कार्यालय नागपुर, वर्धा और भंडारा जिलों में संचालित हैं। संस्था विभिन्न शासकीय विभागों एवं योजनाओं के सहयोग से समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की योजनाओं का लाभ पहुंचाने का कार्य कर रही है। संस्था प्रमोद महाजन ग्रामीण कौशल विकास केंद्र, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, आदिवासी विकास विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग सहित अनेक सरकारी संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित कर कौशल विकास एवं रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित कर रही है।
संस्था ने अब तक 10,000 से अधिक लोगों को विभिन्न कौशलों का प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के योग्य बनाया है। इनमें से 128 से अधिक सफलता की प्रेरणादायक कहानियां आज समाज के लिए उदाहरण बन चुकी हैं। विशेष रूप से ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया गया है, जिससे वे आज स्वयं का व्यवसाय संचालित कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं।
सरोज मेश्राम का मानना है कि महिलाओं का आर्थिक रूप से सशक्त होना ही समाज के समग्र विकास का आधार है। इसी उद्देश्य के साथ संस्था प्रत्येक महिला को “लखपति दीदी” बनाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। संस्था महिलाओं को स्वरोजगार, उद्यमिता, कौशल प्रशिक्षण तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर प्रोत्साहित कर रही है।
सामाजिक विकास के साथ-साथ संस्था पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभा रही है। वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण एवं जनजागरूकता अभियान के माध्यम से हरित एवं स्वच्छ भारत के निर्माण की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
पिछले पाँच वर्षों में संस्था के उत्कृष्ट सामाजिक योगदान को अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया गया है। संस्था को महाराष्ट्र के माननीय मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस के करकमलों से सम्मान प्राप्त हुआ है। इसके अलावा प्रसिद्ध अभिनेता भरत गणेशपुरे सहित विभिन्न सांसदों, विधायकों तथा अनेक सरकारी विभागों द्वारा भी संस्था के कार्यों की सराहना करते हुए सम्मानित किया गया है।
सरोज मेश्राम के नेतृत्व में माया महिला बहुउद्देशीय सेवा संस्था आज समाज के वंचित, जरूरतमंद एवं कमजोर वर्गों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य कर रही है। शिक्षा, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में संस्था का योगदान समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बनता जा रहा है।








