भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने छात्र आंदोलनों में शामिल Gen Z प्रदर्शनकारियों को लेकर सोशल मीडिया पर की गई अपनी टिप्पणी से नया विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की भाषा और सोशल मीडिया पोस्ट की आलोचना करते हुए उन्हें “Generation Gutter” कहा, जिसके बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया।
कंगना रनौत ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में जंतर-मंतर और अन्य स्थानों पर हुए प्रदर्शनों के दौरान इस्तेमाल की गई भाषा और सोशल मीडिया कंटेंट की आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों की भाषा और व्यवहार उन्हें बेहद आपत्तिजनक लगा।
अपने पोस्ट में उन्होंने कुछ प्रदर्शनकारियों के व्यवहार और जीवनशैली पर भी टिप्पणी की। साथ ही कुछ महिलाओं के बारे में भी विवादित टिप्पणियां कीं, जिन्हें लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
कंगना के बयान पर कांग्रेस नेता भाई जगताप ने सवाल उठाते हुए कहा कि छात्र आंदोलन के दौरान युवाओं और महिलाओं के साथ हुए कथित व्यवहार पर कंगना को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए थी। उन्होंने पूछा कि क्या उन्हें छात्रों के साथ हुई घटनाओं पर कोई अफसोस नहीं है।
वहीं AIMIM नेता वारिस पठान ने भी कंगना के बयान की निंदा करते हुए कहा कि इस तरह की भाषा स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कंगना से Gen Z से माफी मांगने की मांग की और कहा कि प्रधानमंत्री को भी अपने सांसदों द्वारा इस्तेमाल की जा रही भाषा पर ध्यान देना चाहिए।
यह पहली बार नहीं है जब कंगना रनौत ने छात्र आंदोलनों को लेकर टिप्पणी की हो। इससे पहले भी उन्होंने विरोध प्रदर्शनों के तरीकों और सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति की आलोचना की थी।
कंगना की हालिया टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर भी तीखी बहस छिड़ गई है। एक ओर उनके समर्थक उनके बयान का बचाव कर रहे हैं, जबकि दूसरी ओर कई लोग इसे अनुचित और अपमानजनक बताते हुए इसकी आलोचना कर रहे हैं।








