कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की पुरुषों की जैवलिन थ्रो स्पर्धा इस बार सिर्फ नीरज चोपड़ा और अरशद नदीम की बहुप्रतीक्षित भिड़ंत तक सीमित नहीं है। श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागे ने शानदार प्रदर्शन के दम पर गोल्ड मेडल की दौड़ को त्रिकोणीय बना दिया है।
रुमेश पथिरागे ने इस सीजन 92.62 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया है, जो इस वर्ष किसी भी कॉमनवेल्थ खिलाड़ी का सबसे लंबा थ्रो है। उन्होंने दोहा डायमंड लीग में नीरज चोपड़ा को भी पीछे छोड़कर अपनी दावेदारी मजबूत की थी।
भारत के स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा पूरी तरह फिट होकर प्रतियोगिता में वापसी कर रहे हैं। पिछले कॉमनवेल्थ गेम्स में चोट के कारण वह हिस्सा नहीं ले पाए थे। हालांकि इस सीजन उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 85.69 मीटर रहा है, लेकिन बड़े मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करने का उनका रिकॉर्ड उन्हें सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल करता है।
वहीं पाकिस्तान के अरशद नदीम, जो मौजूदा कॉमनवेल्थ चैंपियन और ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता हैं, चोट के बाद सीमित प्रतियोगिताओं में ही नजर आए हैं। इसके बावजूद बड़े मंच पर दमदार प्रदर्शन करने की उनकी क्षमता उन्हें गोल्ड मेडल की दौड़ में बनाए रखती है।
भारत के पास इस स्पर्धा में मजबूत टीम है। रोहित यादव (87.05 मीटर व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ) और यश वीर सिंह (83.76 मीटर व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ) भी भारतीय चुनौती को मजबूत बना रहे हैं। किसी भी अन्य देश के पास इस स्तर की गहराई नहीं है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्लासगो का मौसम भी मुकाबले का अहम कारक बन सकता है। ठंडी हवाएं और संभावित बारिश खिलाड़ियों के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में तकनीक, अनुभव और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने की क्षमता निर्णायक साबित हो सकती है।
कार्यक्रम (Schedule)
- क्वालिफिकेशन: 30 जुलाई 2026, सुबह 10:00 बजे (BST)
- फाइनल: 31 जुलाई 2026, सुबह 10:00 बजे (BST)
- भारतीय समयानुसार: दोपहर लगभग 2:30 बजे (IST)
- स्थान: स्कॉटस्टाउन स्टेडियम, ग्लासगो
इस बार जैवलिन थ्रो का मुकाबला केवल भारत और पाकिस्तान के दो दिग्गजों तक सीमित नहीं रहेगा। श्रीलंका के रुमेश पथिरागे की मौजूदगी ने इस स्पर्धा को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के सबसे रोमांचक मुकाबलों में शामिल कर दिया है।








