• Create News
  • ▶ Play Radio
  • “‘गूंगी गुड़िया’ टिप्पणी पर महाराष्ट्र की राजनीति में घमासान; सुनेत्रा पवार पर कांग्रेस के बयान से बढ़ा विवाद”

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं।

    महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को लेकर कांग्रेस की ओर से की गई “गूंगी गुड़िया” टिप्पणी ने राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस बयान के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और सार्वजनिक माफी की मांग की। वहीं, कांग्रेस ने अपने बयान को सही ठहराते हुए कहा कि यह कोई अपमानजनक शब्द नहीं, बल्कि सार्वजनिक व्यवहार का वर्णन है।

    सोमवार को महाराष्ट्र कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया था। वीडियो में बीड जिले की कानून-व्यवस्था को लेकर पत्रकारों के सवालों के दौरान कथित तौर पर एनसीपी नेता धनंजय मुंडे को सुनेत्रा पवार की ओर से जवाब देते हुए दिखाया गया। इसी संदर्भ में कांग्रेस ने लिखा कि “सुनेत्रा पवार, आखिर कब तक गूंगी गुड़िया बनी रहेंगी?”

    इस पोस्ट के सामने आते ही राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। मंगलवार को एनसीपी के कई नेता मुंबई स्थित कांग्रेस कार्यालय पहुंचे और वहां विरोध प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल से बयान वापस लेने और माफी मांगने की मांग की।

    महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना महिलाओं का अपमान है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपने बयान पर शर्म आनी चाहिए।

    विवाद बढ़ने के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने अपने बयान का बचाव किया। उन्होंने कहा कि “गूंगी गुड़िया कोई गाली नहीं है, बल्कि सुनेत्रा पवार के सार्वजनिक व्यवहार का वर्णन है।” उनके अनुसार, बीड में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकार लगातार सवाल पूछ रहे थे, लेकिन उपमुख्यमंत्री ने किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां मौजूद एक स्थानीय नेता पत्रकारों को रोकने की कोशिश कर रहे थे, फिर भी सुनेत्रा पवार ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

    दूसरी ओर, एनसीपी के प्रवक्ता उमेश पाटिल ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि यदि कांग्रेस इस शब्द का समर्थन करती है, तो क्या वह पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के लिए अतीत में इस्तेमाल किए गए इसी विवादित संबोधन को भी सही मानती है? उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन महिलाओं के लिए अपमानजनक भाषा किसी भी राजनीतिक दल को शोभा नहीं देती।

    इस पूरे मामले पर एनसीपी (शरद पवार) के नेता रोहित पवार ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम को उसके संदर्भ में देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, जब पत्रकार सवाल पूछना चाह रहे थे, तब उन्हें रोका गया और उपमुख्यमंत्री ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इतिहास में इंदिरा गांधी को भी इसी तरह के शब्दों से संबोधित किया गया था, लेकिन उन्होंने अपने काम के दम पर आलोचकों को जवाब दिया था।

    फिलहाल इस टिप्पणी को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। कांग्रेस अपने बयान को उचित बता रही है, जबकि एनसीपी इसे महिला सम्मान के खिलाफ बताते हुए माफी की मांग पर अड़ी हुई है। आने वाले दिनों में यह विवाद और अधिक राजनीतिक रूप ले सकता है।

  • Related Posts

    CWG 2026 में भारत का शानदार प्रदर्शन; आनंद महिंद्रा ने खिलाड़ियों की मेहनत और संघर्ष को किया सलाम

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 39 पदकों के साथ पदक तालिका में चौथा स्थान…

    Continue reading
    IND vs SL टेस्ट सीरीज: टीम इंडिया के साथ श्रीलंका नहीं पहुंचे साई सुदर्शन, फिटनेस पर सस्पेंस बरकरार

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं। भारत और श्रीलंका के बीच होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए टीम इंडिया श्रीलंका पहुंच चुकी है,…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *