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  • झारखंड में प्रदर्शनकारी छात्रों से दूसरे दौर की बातचीत, सरकार ने फीडबैक के लिए जारी किया ईमेल; मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान

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    झारखंड में सरकारी नौकरियों की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। शनिवार को JPSC-JSSC Aspirant Nyay Manch से जुड़े आठ सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल ने रांची के स्टेट गेस्ट हाउस में झारखंड सरकार द्वारा गठित पैनल के साथ दूसरे दौर की बातचीत की।

    छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व में हुई इस बैठक में प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगों और परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों पर चर्चा हुई। इससे एक दिन पहले 11 छात्रों के एक अन्य प्रतिनिधिमंडल ने भी सरकार के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की थी।

    रांची में छात्र पिछले 15 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में 2 जुलाई को झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा आयोजित 14वीं सिविल सर्विसेज प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करना शामिल है।

    दूसरे दौर की बातचीत में भी नहीं निकला समाधान

    सरकार और छात्रों के बीच हुई बातचीत में फिलहाल कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। हालांकि, झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि सरकार प्रदर्शनकारी छात्रों और विभिन्न हितधारकों के साथ बातचीत जारी रखेगी।

    सरकार ने छात्रों और अन्य लोगों से सुझाव एवं फीडबैक लेने के लिए एक ईमेल आईडी भी जारी की है।

    ईमेल: JPSSC.feedback@gmail.com

    सरकार के अनुसार, छात्र, व्यक्ति या अन्य हितधारक इस ईमेल के माध्यम से अपनी शिकायतें, सुझाव और फीडबैक भेज सकते हैं। प्राप्त सुझावों के आधार पर सुधार नीति तैयार करने और सामूहिक निर्णय लेने की बात कही गई है।

    छात्रों ने कहा- मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन

    छात्र प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि सरकार की ओर से मुद्दों को जल्द सुलझाने का आश्वासन दिया गया है। हालांकि, छात्रों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

    देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि सरकार के साथ बातचीत में प्रतिनिधिमंडल की संख्या महत्वपूर्ण नहीं है, क्योंकि सभी प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगें एक जैसी हैं।

    महतो पिछले एक सप्ताह से अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर भी हैं।

    प्रदर्शनकारियों की क्या हैं प्रमुख मांगें?

    रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कई मांगें सरकार के सामने रखी हैं। इनमें 2019 के बाद आयोजित सभी JSSC CGL, JSSC JE और PGT परीक्षाओं को रद्द करने की मांग शामिल है।

    इसके अलावा प्रदर्शनकारी छात्रों ने कथित परीक्षा अनियमितताओं की CBI जांच की मांग भी की है।

    छात्रों की अन्य प्रमुख मांगों में शामिल हैं:

    • कथित अनियमितताओं में शामिल माफिया और एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई।
    • UR, EWS, BC-I, BC-II, SC और ST वर्गों के लिए श्रेणीवार कटऑफ सार्वजनिक करना।
    • OMR कॉपियों और रिस्पॉन्स शीट उपलब्ध कराना।
    • परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना।
    • UPSC और SSC के मानकों के अनुरूप भर्ती कैलेंडर तैयार करना।

    सरकार ने सुधार नीति के लिए मांगा फीडबैक

    सरकार की ओर से जारी ईमेल को छात्रों और अन्य हितधारकों से सुझाव लेने की पहल के रूप में बताया गया है। सरकार का कहना है कि प्राप्त फीडबैक के आधार पर भर्ती प्रक्रिया में सुधार के लिए नीति तैयार करने और सामूहिक निर्णय लेने की दिशा में काम किया जाएगा।

    हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्र अपनी मांगों पर कायम हैं और उन्होंने आंदोलन जारी रखने की बात कही है।

    झारखंड TET में देरी पर हाईकोर्ट सख्त

    इसी बीच झारखंड में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर भी हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड में लगभग नौ वर्षों से TET आयोजित नहीं हुई है।

    झारखंड हाईकोर्ट ने स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अदालत ने पूछा है कि अदालत के आदेश का पालन नहीं करने पर उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए।

    पिछली सुनवाई के दौरान सचिव ने अदालत को आश्वासन दिया था कि TET तीन महीने के भीतर आयोजित कराई जाएगी। हालांकि, तय समय सीमा बीतने के बाद भी JTET आयोजित नहीं हुई।

    अब हाईकोर्ट ने विभाग से स्पष्ट जवाब मांगा है कि अदालत के निर्देश और सचिव की ओर से दिए गए आश्वासन के बावजूद शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित क्यों नहीं की गई।

    झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों और सरकार के बीच बातचीत का दौर जारी है, लेकिन अभी तक किसी अंतिम समाधान पर सहमति नहीं बनी है। सरकार ने छात्रों और हितधारकों से सुझाव लेने के लिए ईमेल जारी किया है, जबकि प्रदर्शनकारी अपनी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने पर कायम हैं। इसी बीच TET में लंबे समय से हो रही देरी को लेकर हाईकोर्ट की सख्ती ने राज्य की भर्ती और परीक्षा प्रक्रियाओं को लेकर चल रही बहस को और महत्वपूर्ण बना दिया है।

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