
इस व्यवसाय की शुरुआत Mr. Prabhakar Laxman Kongari ने वर्ष 1999 में की थी। शुरुआत में उन्हें एक स्कूल की गणवेश तैयार करने की ऑर्डर मिली थी। इस पहली ऑर्डर के बाद धीरे-धीरे हर वर्ष स्कूलों की संख्या और काम का दायरा बढ़ता गया।
आज Atharva Pustak And Ganvesh Bhandar के माध्यम से कुल 44 स्कूलों के विद्यार्थियों के गणवेश तैयार किए जाते हैं। इनमें से 10 स्कूलों का काम Direct Sale के माध्यम से और 34 स्कूलों का काम Job Work के रूप में किया जाता है।
एक स्कूल ऑर्डर से शुरू हुआ सफर
Mr. Prabhakar Laxman Kongari ने वर्ष 1999 में जब अपना व्यवसाय शुरू किया, तब उनके पास शुरुआत में केवल एक स्कूल की ऑर्डर थी।
उस समय शायद यह शुरुआत छोटी थी, लेकिन गुणवत्ता, निरंतरता और स्कूलों के साथ बेहतर संबंधों के कारण काम का विस्तार लगातार होता गया।
हर वर्ष नई स्कूल ऑर्डर जुड़ती गईं और व्यवसाय ने धीरे-धीरे एक व्यापक नेटवर्क का रूप ले लिया। आज 44 स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए गणवेश तैयार करना इस व्यवसाय की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल है।
44 स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए गणवेश
Atharva Pustak And Ganvesh Bhandar वर्तमान में कुल 44 स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए गणवेश तैयार करता है।
इनमें:
- 10 स्कूलों के लिए Direct Sale
- 34 स्कूलों के लिए Job Work
किया जाता है।
इस मॉडल के माध्यम से संस्थान अलग-अलग स्कूलों की आवश्यकता के अनुसार गणवेश तैयार करने और उपलब्ध कराने का कार्य करता है।
विद्यार्थियों के लिए एक ही स्थान पर सभी जरूरी सामग्री
Atharva Pustak And Ganvesh Bhandar का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को अलग-अलग दुकानों पर जाने की आवश्यकता को कम करना है।
संस्थान की सोच है कि जब कोई विद्यार्थी दुकान पर आए तो उसे उसकी जरूरत की अधिकतम सामग्री एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सके।
यहां विद्यार्थियों के लिए:
- स्कूल यूनिफॉर्म
- जूते
- सॉक्स
- स्कूल की किताबें
- कॉपियां
- स्टेशनरी
- अन्य शैक्षणिक सामग्री
उपलब्ध कराई जाती है।
दो दुकानों के माध्यम से सेवाएं
वर्तमान में Atharva Pustak And Ganvesh Bhandar की कुल दो दुकानें हैं।
इन दुकानों के माध्यम से विद्यार्थियों की शैक्षणिक और स्कूल से जुड़ी विभिन्न आवश्यकताओं को पूरा करने का प्रयास किया जाता है।
गणवेश से लेकर किताबें, कॉपियां, जूते, सॉक्स और स्टेशनरी तक की सामग्री एक ही व्यवसाय के माध्यम से उपलब्ध होने से विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए खरीदारी अधिक सुविधाजनक बनती है।
विभिन्न बोर्ड की किताबों की उपलब्धता
Atharva Pustak And Ganvesh Bhandar में अलग-अलग शिक्षा बोर्ड के विद्यार्थियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किताबें उपलब्ध कराई जाती हैं।
यहां मुख्य रूप से:
- SSC Board
- CBSE Board
- ICSE Board
से संबंधित पुस्तकों की उपलब्धता रहती है।
इसके साथ ही विद्यार्थियों के लिए आवश्यक कॉपियां और अन्य शैक्षणिक सामग्री भी उपलब्ध कराई जाती है।
गणवेश के साथ Shoes और Socks की सुविधा
स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों के लिए केवल यूनिफॉर्म ही नहीं, बल्कि स्कूल Shoes और Socks भी जरूरी होते हैं।
इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए Atharva Pustak And Ganvesh Bhandar में विद्यार्थियों के लिए School Uniform के साथ Shoes और Socks भी उपलब्ध कराए जाते हैं।
इससे अभिभावकों को स्कूल की आवश्यक सामग्री के लिए अलग-अलग स्थानों पर खरीदारी करने की आवश्यकता कम होती है।
16 कर्मचारियों को वर्षभर रोजगार
Atharva Pustak And Ganvesh Bhandar की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह भी है कि वर्तमान में यहां 16 Workers कार्यरत हैं।
इन कर्मचारियों को केवल स्कूल यूनिफॉर्म के सीजन तक सीमित रोजगार देने के बजाय वर्षभर काम उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है।
यह व्यवसाय अपने कर्मचारियों के लिए निरंतर रोजगार का माध्यम भी बना हुआ है।
स्कूल सीजन के बाद भी जारी रहता है काम
स्कूलों के गणवेश का काम सामान्यतः एक विशेष सीजन में अधिक होता है। लेकिन Atharva Pustak And Ganvesh Bhandar का प्रयास रहता है कि स्कूल यूनिफॉर्म का काम पूरा होने के बाद भी कर्मचारियों को काम मिलता रहे।
स्कूल का काम समाप्त होने के बाद कर्मचारियों को Full Shirt के काम में लगाया जाता है।
इस व्यवस्था से कर्मचारियों को पूरे वर्ष रोजगार उपलब्ध कराने में मदद मिलती है।
गुणवत्ता और ग्राहक सुविधा पर जोर
1999 से शुरू हुई इस व्यवसाय यात्रा में लगातार स्कूलों से जुड़ते जाना और आज 44 स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए गणवेश तैयार करना व्यवसाय के विस्तार को दर्शाता है।
Atharva Pustak And Ganvesh Bhandar का फोकस स्कूलों और विद्यार्थियों की जरूरतों को समझते हुए उन्हें गणवेश तथा शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने पर है।
विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए सुविधा केंद्र
Atharva Pustak And Ganvesh Bhandar को केवल एक पुस्तक या यूनिफॉर्म की दुकान के रूप में नहीं देखा जाता, बल्कि इसका उद्देश्य विद्यार्थियों की स्कूल से जुड़ी विभिन्न जरूरतों को एक ही जगह पर पूरा करना है।
वहां आने वाले विद्यार्थी को किताबें, कॉपियां, यूनिफॉर्म, जूते, सॉक्स और अन्य स्टेशनरी एक ही स्थान पर मिल सके, यही इस व्यवसाय की प्रमुख सोच है।
1999 से निरंतर विकास की यात्रा
एक स्कूल की ऑर्डर से शुरू हुई यात्रा आज 44 स्कूलों तक पहुंच चुकी है। यह विस्तार व्यवसाय में लगातार मेहनत, स्कूलों के साथ संबंध और विद्यार्थियों की जरूरतों को समझने के प्रयास को दर्शाता है।
Mr. Prabhakar Laxman Kongari के नेतृत्व में Atharva Pustak And Ganvesh Bhandar ने स्कूल यूनिफॉर्म और शैक्षणिक सामग्री के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाने की दिशा में निरंतर काम किया है।
Atharva Pustak And Ganvesh Bhandar के संचालक Mr. Prabhakar Laxman Kongari ने वर्ष 1999 में एक स्कूल की ऑर्डर से अपने व्यवसाय की शुरुआत की थी। समय के साथ स्कूलों की संख्या और काम का विस्तार होता गया और आज कुल 44 स्कूलों के विद्यार्थियों के गणवेश तैयार किए जाते हैं। इनमें 10 स्कूलों का काम Direct Sale और 34 स्कूलों का काम Job Work के माध्यम से किया जाता है। वर्तमान में व्यवसाय की दो दुकानें हैं, जहां विद्यार्थियों के लिए स्कूल यूनिफॉर्म, Shoes, Socks, Books, Notebooks और अन्य Stationery उपलब्ध कराई जाती है। यहां SSC, CBSE और ICSE Board की किताबें भी मिलती हैं। व्यवसाय वर्तमान में 16 Workers को वर्षभर रोजगार उपलब्ध कराता है। स्कूल यूनिफॉर्म का काम समाप्त होने के बाद कर्मचारियों को Full Shirt के काम में लगाया जाता है। विद्यार्थियों की सभी आवश्यक स्कूल सामग्री को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना Atharva Pustak And Ganvesh Bhandar का प्रमुख उद्देश्य है।








