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  • राजस्थान में ‘वंदे गंगा अभियान’ के तहत जल संरक्षण को मिली नई दिशा, अटल भूजल योजना से ग्राम पंचायतों में स्थायी भूजल प्रबंधन को बढ़ावा।

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    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने जल संकट से निपटने के लिए ग्राम स्तर पर भूजल संरक्षण की दिशा में उठाए ठोस कदम।

    सवांदाता,जयपुर,राजस्थान

    जयपुर, राजस्थान: राजस्थान सरकार के नेतृत्व में जल संरक्षण को लेकर चलाए जा रहे ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन-अभियान’ को लेकर बड़ी उपलब्धि सामने आई है। मुख्यमंत्री श्री.भजनलाल शर्मा के निर्देशन में 20 जून तक संचालित इस जनांदोलन ने राज्य भर में ‘अटल भूजल योजना’ के माध्यम से ग्राम पंचायत स्तर पर भूजल प्रबंधन को मजबूती से लागू किया है।

    इस अभियान का उद्देश्य था — गांवों में गिरते भूजल स्तर को स्थायी रूप से सुधारना, जल स्रोतों का पुनर्भरण करना, और लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करना। राजस्थान जैसे जल-संवेदनशील राज्य में यह अभियान समय की मांग के अनुरूप उठाया गया ठोस कदम साबित हो रहा है।

     

    अटल भूजल योजना बनी जल क्रांति की रीढ़
    अटल भूजल योजना’ के तहत राज्य सरकार ने 1,100 से अधिक ग्राम पंचायतों में भूजल प्रबंधन को लेकर ठोस रणनीतियां अपनाईं। गाँवों में जल बजट, जल गणना, रिचार्ज स्ट्रक्चर, और लोक भागीदारी के जरिए पानी बचाने की मुहिम को सफल बनाया गया।

    ग्रामीणों को जल संरक्षण से जोड़ने के लिए शिक्षा, जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें महिलाओं, किसानों, युवाओं और स्कूल छात्रों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

    अभियान के प्रमुख परिणाम:
    १. कई गाँवों में भूजल स्तर में औसतन 1.2 मीटर तक की बढ़ोतरी
    २. 20,000+ लोगों ने जल संकल्प पत्र पर हस्ताक्षर किए
    ३. 350 से अधिक रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर का निर्माण/पुनर्निर्माण
    ४. ग्राम जल समितियों की पुनः सक्रियता और निगरानी व्यवस्था मजबूत हुई

    जनभागीदारी और प्रशासनिक प्रतिबद्धता
    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्पष्ट किया कि जल संकट को केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि जनसहयोग और सामुदायिक भागीदारी से ही हराया जा सकता है। जल संरक्षण को लेकर #VandeGangaRajasthan और #JalSankalp जैसे अभियान सोशल मीडिया और ज़मीनी स्तर दोनों पर व्यापक रूप से चलाए गए।

    अभियान में सभी जिला कलेक्टर, पंचायत अधिकारी, जल शक्ति विभाग और स्कूली शिक्षा विभाग की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही। इन सभी प्रयासों के जरिए राजस्थान ने जल प्रबंधन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनने की दिशा में ठोस कदम उठाया है।

    वंदे गंगा अभियान’ और ‘अटल भूजल योजना’ की यह साझेदारी, राजस्थान के लिए जल आत्मनिर्भरता की ओर एक निर्णायक कदम है। यह अभियान सिर्फ जल संरक्षण नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा का वादा भी है।

     

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