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  • एयरस्ट्राइक पर बोले पूर्व राजनयिक जी पार्थसारथी- असीम मुनीर करते हैं भारत से नफरत, सबके पीछे उनकी साजिश।

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    पूर्व राजनयिक जी प्रार्थी ने एबीपी न्यूज से कहा कि मैं पाकिस्तान में कई साल रह चुका हूं और वहां के पीएम और उनके बड़े भाई को अच्छे से जानता हूं. ये उनका किया नहीं, ये पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष आसिम मुनीर का किया धरा है.

    भारत ने पहलगाम आतंकी हमले का बदला पाकिस्तान से ले लिया है. भारतीय सेना ने 9 एयर स्ट्राइक कर पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया है. इस एयरस्ट्राइक पर पूर्व भारतीय राजनयिक और लेखक गोपालस्वामी पार्थसारथी ने एबीपी न्यूज से कहा कि मैं पाकिस्तान में कई साल रह चुका हूं और वहां के पीएम और उनके बड़े भाई को अच्छे से जानता हूं. ये उनका किया नहीं, ये पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष आसिम मुनीर का किया धरा है. वहां पीएम को वो करना पड़ता है जो आर्मी चीफ कहता है.

    उन्होंने आगे कहा, ” जब कारगिल हुआ हमनें तब भी मजा चखाया था. इस बार भी सबक सिखाया लेकिन इनके सेना अध्यक्ष का भारत के खिलाफ जो नफरत है वो देखने लायक है. ये ऐसा है जैसे कोई पागल करता है. इस बार भारतीय सेना ने जो सबक सिखाया है वो सराहनीय है.

    उन्होंने आगे कहा,” पाकिस्तान जो करता है वो वहां सरकार को पता नहीं होता. सेना को पता होता है और आईएसआई को पता होता है. अब वो समझ गए होंगे कि भारत को छेड़ना नहीं है.” गोपालस्वामी पार्थसारथी ने आगे कहा,” पाकिस्तान चीन का एक साधन है, भारत पर दवाब बनाने के लिए. आज पाकिस्तान के पास जितने एटम बम है वो सब चीन ने बनाया है, पाकिस्तान कभी ये नहीं बना सकता.”

    9 एयर स्ट्राइक कर आतंकी ठिकानों को किया नेस्तनाबूद
    पहलगाम हमले का बदला भारत ने पाकिस्तान और पीओके में एयर स्ट्राइक से लिया. भारतीय सेना ने नौ आतंकी ठिकानों पर ऑपरेशन सिंदूर को सफलता पूर्वक अंजाम दिया है. पीएम नरेंद्र मोदी लगातार इस पूरी सैन्य कार्रवाई पर नजर रखे हुए हैं.

    भारत ने ठीक 15 दिन बाद पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया है. हमले के लिए जिम्मेदार समूहों से जुड़े आतंकवादी ढांचे को निशाना बनाकर यह ऑपरेशन सटीकता के साथ किया गया. भारत सरकार ने पुष्टि की है कि सभी नौ ठिकानों पर सफलतापूर्वक हमला किया गया, जिससे पाकिस्तान में कोई भी नागरिक या सैन्य ढांचा प्रभावित नहीं हुआ.

    यह हमला 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत की कार्रवाई का हिस्सा था, जिसमें जम्मू-कश्मीर में 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक की जान चली गई थी. यह ऑपरेशन भारत द्वारा यह सुनिश्चित करने के लिए एक सुनियोजित कदम था कि हमले के लिए ज़िम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाए, जबकि आगे की स्थिति से बचने के लिए संयम बनाए रखा गया.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रात भर ऑपरेशन की प्रगति पर बारीकी से नजर रखी. सूत्रों ने पुष्टि की कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और सैन्य कमांडरों के साथ लगातार संपर्क में थे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अभियान योजना के अनुसार आगे बढ़े. प्रधानमंत्री की सक्रिय भागीदारी ने मिशन के महत्व और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को उजागर किया. भारतीय सेना के प्रवक्ता ने पुष्टि की कि हमले केंद्रित थे.लक्ष्य, जिन्हें ज्ञात आतंकी शिविर और बुनियादी ढांचे के रूप में पहचाना गया था, पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में स्थित थे.

    सेना के बयान में इस बात पर जोर दिया गया कि किसी भी पाकिस्तानी नागरिक, सैन्य या आर्थिक बुनियादी ढांचे को नुकसान नहीं पहुंचाया गया, जो लक्षित आतंकवाद विरोधी प्रयासों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.

    भारतीय सेना के प्रवक्ता ने कहा, “हमारी कार्रवाई केंद्रित और सटीक रही है. हमने केवल उन आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाया है, जहां से भारत के खिलाफ हमलों की योजना बनाई गई और उन्हें अंजाम दिया गया.”

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