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टेस्ला के शेयरों में बड़ी गिरावट, ट्रंप-मस्क के बीच टैक्स बिल को लेकर बढ़ी तनातनी।
नई दिल्ली: कभी एक-दूसरे के बेहद करीबी माने जाने वाले टेस्ला के सीईओ एलन मस्क और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रिश्तों में अब बड़ी खटास आ गई है।
इस नई तकरार का असर सीधे बाजार में देखने को मिला है। गुरुवार को टेस्ला के शेयरों में 14% तक की भारी गिरावट आ गई, जिससे कंपनी को एक ही दिन में 152 अरब डॉलर (लगभग ₹15,200 करोड़) का नुकसान हुआ।
ट्रंप के टैक्स बिल पर मस्क की नाराजगी
तनातनी की शुरुआत तब हुई जब एलन मस्क ने ट्रंप सरकार के नए टैक्स और खर्च से जुड़े बिल को जनता के पैसों की बर्बादी करार दे दिया। मस्क ने सार्वजनिक रूप से कहा कि इस बिल को बिना पर्याप्त चर्चा के रातोंरात पास कर दिया गया, जिसे वे ‘शर्मनाक‘ मानते हैं।
मस्क के इस बयान से ट्रंप बिफर गए। उन्होंने मस्क को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ऐसी बयानबाजी जारी रही तो सरकार टेस्ला को मिलने वाली सब्सिडी और सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स को खत्म कर सकती है।
शेयर बाजार में दिखा असर
इस राजनीतिक तकरार का असर सीधे टेस्ला के निवेशकों के विश्वास पर पड़ा।
गुरुवार को टेस्ला के शेयरों में 14% की गिरावट दर्ज हुई, जिससे कंपनी का मार्केट कैप घटकर 916 अरब डॉलर रह गया। यह टेस्ला के मार्केट कैप में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट में से एक है।
फोर्ब्स के मुताबिक, इस गिरावट के चलते मस्क की व्यक्तिगत संपत्ति भी $27 बिलियन घटकर अब $388 बिलियन रह गई है।
मस्क को क्यों है ट्रंप से नाराजगी?
मस्क की नाराजगी की मुख्य वजह ट्रंप सरकार का नया प्रस्तावित टैक्स बिल है, जिसमें इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) की खरीद पर मिलने वाले $7,500 तक के टैक्स क्रेडिट को खत्म करने का प्रावधान है।
यदि यह प्रस्ताव पास हो जाता है तो इससे टेस्ला सहित कई EV कंपनियों पर बड़ा असर पड़ेगा।
जेपी मॉर्गन की रिपोर्ट के अनुसार, इस फैसले से टेस्ला को सालाना लगभग $1.2 अरब का सीधा नुकसान हो सकता है।
ट्रंप का तर्क: टैक्स क्रेडिट से हो रहा था असमान लाभ
ट्रंप का तर्क है कि बाइडेन सरकार के समय लागू हुआ EV टैक्स क्रेडिट निजी कंपनियों को असमान लाभ पहुंचा रहा था।
उनका मानना है कि इससे सरकारी खजाने का पैसा टेस्ला जैसी बड़ी कंपनियों के पास जा रहा है, जबकि इसे आर्थिक विकास और रोजगार सृजन में लगाया जाना चाहिए।
इसलिए ट्रंप इस टैक्स क्रेडिट को खत्म कर इससे बचाई गई रकम का उपयोग देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए करना चाहते हैं।
क्या आगे और बढ़ेगा विवाद?
फिलहाल दोनों के बीच इस मुद्दे को लेकर तनाव जारी है।
अगर यह विवाद और बढ़ता है तो आने वाले दिनों में टेस्ला के शेयरों में और अस्थिरता देखने को मिल सकती है। साथ ही, EV इंडस्ट्री के अन्य बड़े खिलाड़ियों पर भी इसका असर पड़ सकता है।
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