• Create News
  • ▶ Play Radio
  • PAK के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का दावा- ‘भारत संग शिमला समझौता रद्द’, अब पाकिस्तान ने ही दिखाई सच्चाई।

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं।

    पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय का बयान- भारत के साथ शिमला समझौता सहित कोई भी द्विपक्षीय समझौता रद्द नहीं।

    Khawaja Asif on Shimla Agreement: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के हालिया बयान ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान संबंधों में नई बहस छेड़ दी है।
    उन्होंने हाल ही में दावा किया कि शिमला समझौता अब एक ‘डेड डॉक्यूमेंट’ बन चुका है। हालांकि, शुक्रवार (6 जून 2025) को पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत के साथ किसी भी द्विपक्षीय समझौते को रद्द करने का कोई आधिकारिक निर्णय नहीं लिया गया है।

    इस बयान के बाद पाकिस्तान ने खुद ही अपने रक्षा मंत्री के दावे पर आईना दिखा दिया है

    शिमला समझौता खत्म करने का कोई औपचारिक फैसला नहीं
    पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि भारत के साथ शिमला समझौता समेत कोई भी द्विपक्षीय समझौता रद्द नहीं हुआ है।
    रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि फिलहाल किसी भी द्विपक्षीय समझौते को समाप्त करने के लिए कोई औपचारिक निर्णय नहीं लिया गया है।

    उन्होंने यह भी संकेत दिया कि शिमला समझौता सहित सभी संधियां अभी भी लागू हैं।

    ख्वाजा आसिफ का विवादित बयान
    5 जून को पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने जियो न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा था,
    यह समझौता द्विपक्षीय था क्योंकि इसमें कोई तीसरा पक्ष या विश्व बैंक शामिल नहीं था।”

    उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस्लामाबाद शिमला समझौते को समाप्त करने पर विचार कर सकता है और ऐसी स्थिति में भारत और पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा (LoC) युद्धविराम रेखा में तब्दील हो जाएगी।

    इसके बाद ही यह मुद्दा पाकिस्तान में भीतरी चर्चाओं का केंद्र बन गया।

    भारत की कार्रवाई के बाद बौखलाया पाकिस्तान
    पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत की ओर से पाकिस्तान के खिलाफ की गई कड़ी कार्रवाई के जवाब में पाकिस्तान ने शिमला समझौते को रद्द करने की धमकी दी थी।

    हालांकि, हकीकत यह है कि इस्लामाबाद ने इस ऐतिहासिक समझौते को रद्द करने के लिए कोई आधिकारिक कदम नहीं उठाया है।

    क्या है शिमला समझौता?
    भारत और पाकिस्तान ने 1971 के युद्ध के बाद शिमला समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।
    इस समझौते के जरिए दोनों देशों ने आपसी द्विपक्षीय संबंधों को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न सिद्धांतों को तय किया था।

    शिमला समझौते के तहत यह तय किया गया था कि सभी विवादों को द्विपक्षीय बातचीत के जरिए शांति पूर्ण तरीके से सुलझाया जाएगा।

    ऐसी ही देश और दुनिया की बड़ी खबरों के लिए फॉलो करें: www.samacharwani.com

  • Related Posts

    राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में नया खुलासा, QR कोड वाले दान बॉक्स से जांच को मिली नई दिशा; ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष से भी होगी पूछताछ

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में जांच लगातार नए मोड़ ले रही है।…

    Continue reading
    शिंदे गुट में शामिल होते ही सचिन अहिर को बड़ी जिम्मेदारी, महाराष्ट्र विधान परिषद के उपसभापति निर्विरोध चुने गए

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं। महाराष्ट्र की राजनीति में तेजी से बदलते घटनाक्रम के बीच शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) को छोड़कर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *