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  • ‘अगर मैंने छलांग नहीं लगाई होती तो…’, एयर इंडिया हादसे में अकेले बचे रमेश ने सुनाई पूरी कहानी, बोले- ‘मेरी आंखों के सामने…’

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    एयर इंडिया ड्रीमलाइनर हादसे में 241 यात्रियों की मौत, चमत्कारिक रूप से केवल रमेश विश्वासकुमार जिंदा बचे; जानिए उनकी आंखोंदेखी पूरी आपबीती।

    हादसे में सबकुछ जला, लेकिन कैसे बचे रमेश? जानिए उनकी जुबानी
    अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान हादसे में जहां 241 लोगों की मौत हो गई, वहीं ब्रिटिश नागरिक रमेश विश्वासकुमार इस दुर्घटना में चमत्कारिक रूप से जीवित बच निकले। यह सब कैसे हुआ, इस पर उन्होंने खुद से परत-दर-परत पूरी कहानी डीडी न्यूज को दी गई इंटरव्यू में साझा की है।

    रमेश ने बताया कि हादसे के बाद जब उन्होंने आंखें खोलीं, तो उन्हें खुद के जीवित होने पर यकीन नहीं हुआ।

    मैंने खुद अपनी आंखों के सामने एयर होस्टेस और बाकी लोगों को जलते देखा। सबकुछ राख हो गया था। मैंने सीट बेल्ट खोला और बाहर निकलने की कोशिश की। मुझे एक जगह दरवाजा टूटा हुआ दिखा, वहीं से मैंने छलांग लगा दी।”

    625 फीट ऊंचाई से गिरा विमान, 11-A सीट से बच निकले रमेश
    रमेश ने कहा कि टेकऑफ के ठीक बाद 5-10 सेकंड तक कुछ गड़बड़ी हुई। फिर बिजली चली गई और विमान कंट्रोल में लाने की कोशिश की गई, लेकिन वह एक हॉस्टल की इमारत पर जाकर गिरा।

    रमेश सीट नंबर 11-A पर बैठे थे और हादसे के बाद जिस दिशा में विमान गिरा, उस तरफ की निचली सतह पर हल्का खुला स्थान था।

    मेरे पास की दीवार टूट गई थी, इसलिए मुझे बाहर निकलने का मौका मिला। आग की वजह से मेरा बायां हाथ जल गया, लेकिन मैं किसी तरह जान बचाने में सफल रहा,” उन्होंने बताया।

    प्रधानमंत्री मोदी से की मुलाकात
    दुर्घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी रमेश से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। रमेश ने बताया, “प्रधानमंत्री ने मुझसे पूरी घटना के बारे में पूछा और मेरी देखभाल के लिए प्रशासन को निर्देश भी दिए।”

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